राजस्थान में और तेज हुआ सियासी तूफान, BJP ने उठाई फ्लोर टेस्ट की मांग
नई दिल्ली। राजस्थान की सियासी संकट के बीच आज (मंगलवार) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात करने के लिए राजभवन पहुंचे हैं। राजस्थान में अब फ्लोर टेस्ट पास करने के बाद ही सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार गिरने से बच सकती है। इस बीच मंगलवार को बीजेपी ने कहा कि अब सिर्फ फ्लोर टेस्ट से ही बहुमत साबित किया जा सकता है, क्योंकि कांग्रेस की संख्या तेजी से और अधिक गिरावट के साथ सिकुड़ने लगी है। राजस्थान के सीएम द्वारा किए गए बहुमत के दावे पर बीजेपी को भरोसा नहीं है।
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राजस्थान भाजपा प्रभारी और पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम माथुर भी इस दौरान बैठक पर बैठक कर रहे हैं। मंगलवार को वह जयपुर के लिए रवाना हो गए हैं, जहां शीर्ष स्तर की बैठक चल रही है। बीजेपी ने कहा कि हम अब तक के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, सीटों के नंबरों को प्रूफ करने के लिए फ्लोर टेस्ट ही आखिरी दांव है। बता दें कि रजस्थान में बहुमत हासिल करने के लिए कांग्रेस को 101 विधायकों की आवश्यकता है लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह गहलोत खेमे के तीन और विधायकों ने अपने नंबर बंद कर दिए हैं जिसके बाद कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बता दें कि सोमवार को विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस ने 200 सदस्यीय सदन में 106 विधायकों के समर्थन का दावा किया था।
डिप्टी CM और PCC अध्यक्ष पद से हटाए गए सचिन पायलट
मालूम हो कि राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। कांग्रेस पार्टी ने बड़ा एक्शन लेते हुए सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष पद और उपमुख्यमंत्री के पद से हटा दिया है। साथ ही पायलट समर्थक मंत्रियों को भी हटाया गया है। इसके साथ ही पार्टी ने गोविंद सिंह डोटासारा को राजस्थान कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राजस्थान में जारी सियासी घटनाक्रम पर प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए कहा कि, सचिन पायलट और उनके साथी विधायक बीजेपी की साजिश में भटक गए हैं।
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