BJP vs Congress Compromised PM:'नेहरू की कायरता की कीमत पूरे देश ने चुकाई', BJP का कांग्रेस पर करारा पलटवार
BJP vs Congress Nehru Compromised PM: देश की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों 'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' शब्द को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक पलटवार करते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल को स्ट्रैटेजिक नाइटमेयर करार दिया है।
बुधवार, 25 फरवरी 2026 को भाजपा ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों के जरिए नेहरू पर भारत के हितों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया।

दरअसल, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस ने जब सरकार को 'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' कहा, तो भाजपा ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए करारा पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए पोस्ट में नेहरू काल के तीन बड़े 'समझौतों' का जिक्र किया गया है, जिन्हें भाजपा ने देश के साथ विश्वासघात बताया है।
Nehru Rejected UNSC Seat: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए नेहरू ने भारत को बाद में, चीन को पहले रखा
भाजपा ने आरोप लगाया कि 1950 और 1955 में जब दुनिया (अमेरिका और सोवियत संघ) भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सीट देने की पेशकश कर रही थी, तब नेहरू ने इसे दो बार ठुकरा दिया। भाजपा ने नेहरू के पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भारत की सीट के बजाय चीन के प्रवेश के लिए दबाव बनाया। नेहरू का मानना था कि भारत को सीट मिलना चीन के लिए अपमानजनक होगा। रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल ने नेहरू को चेतावनी दी थी कि चीन का समर्थन करना भारत के लिए घातक हो सकता है, लेकिन नेहरू ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
सिंधु जल समझौता: पाकिस्तान को भेंट में दीं 80% नदियों का पानी
भाजपा ने नेहरू पर भारत के जल संसाधनों को पाकिस्तान को 'उपहार' में देने का आरोप लगाया। BJP का दावा है कि नेहरू ने सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी महत्वपूर्ण नदियों का 80% पानी पाकिस्तान को सौंप दिया। भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि नेहरू सरकार ने न केवल पानी दिया, बल्कि पाकिस्तान को अपनी नहरें बनाने के लिए 174 मिलियन डॉलर का भुगतान भी किया। यह समझौता भारत के कृषि और रणनीतिक हितों के साथ बड़ा समझौता था।
नेताजी और INA के खजाने की अनदेखी
भाजपा ने 'इंडिया टुडे' की एक पुरानी रिपोर्ट को शेयर करते हुए आरोप लगाया कि नेहरू सरकार को टोक्यो से मिशन प्रमुखों ने 1947 से 1953 के बीच बार-बार चेतावनी दी थी कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज (INA) का खजाना लूटा जा रहा है। भाजपा के अनुसार, नेहरू ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया और कथित तौर पर लुटेरों को संरक्षण दिया। भाजपा का कहना है कि पीएमओ ने आज भी उन 37 फाइलों को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है, जिनमें इस 'लूट' के राज दफन हैं।
'कॉम्प्रोमाइज की असली जड़ें कांग्रेस के शासनकाल में'
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर लिखा-नेहरू की कूटनीतिक कायरता की कीमत भारतीय क्षेत्रों (Territories) को गंवाकर चुकानी पड़ी। यही कांग्रेस की विरासत है जो एक रणनीतिक नाइटमेयर जैसा है।' भाजपा ने यह करारा पलटवार उस समय किया है जब कांग्रेस वर्तमान सरकार पर विदेशी व्यापार समझौतों को लेकर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगा रही है।
भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि 'कॉम्प्रोमाइज' की असली जड़ें कांग्रेस के शासनकाल में हैं।' फिलहाल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।












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