15 दिसंबर को होगी बीजद की राज्य कार्यकारिणी की बैठक, पश्चिमी ओडिशा रहेगा मुख्य मुद्दा
तीन राज्यों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद ओडिशा में 20 साल से सत्ता पर काबिज बीजद अलर्ट मूड में जा चुकी है उसने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी है। बीजद 15 दिसंबर को बीजद राज्य कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर रही है जिसमें पश्चिमी ओडिशा मुख्य मुद्दा रहेगा।

बता दें पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भाजपा ऐतिहासिक जीत खासकर जिस तरह आदिवासियों के वोट को भाजपा अपने पक्ष में करने में सफल रही ये ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद के लिए एक चुनौती बनकर उभरे हैं।
हालांकि तीन राज्यों के चुनावों में भाजपा को मिली बंपर जीत पर बीजद नेताओं ने दावा किया कि तीन राज्यों में हुई भाजपा की जीत का 2024 के चुनावों में पार्टी के चुनावी भाग्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन सूत्रों की माने तो बीजद ने इसके नतीजों का पता लगाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है। जिससे साफ है कि बीजद आगामी चुनाव को लेकर समझ चुकी है कि इस बार के चुनाव में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
पश्चिमी ओडिशा के जिलों में बीजेडी का आधार कमजोर माना जाता है. यह 2019 के आम चुनावों में स्पष्ट हुआ जब भाजपा ने पश्चिमी ओडिशा जिलों, कालाहांडी, सुंदरगढ़, संबलपुर, बलांगीर और बारगढ़ की सभी लोकसभा सीटों पर क्लीन स्वीप किया।
एक वरिष्ठ नेता ने छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम को संदर्भ में लेते हुए कहा कि 'चीजें अब चुनौतीपूर्ण होने जा रही हैं। संगठनात्मक कार्य तय कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है। हर कोई मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।कार्यकारिणी की बैठक के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा और मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बता दें इससे पहले एक साथ हुए चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बिल्कुल विपरीत था, लेकिन उसने 35 में से 23 सीटें जीतीं और सात सीटें भाजपा ने जीती थी और कांग्रेस और सीपीएम ने क्रमशः दो और एक सीटों पर जीत हासिल की थी।












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