Bimstec Summit: पीएम मोदी थाईलैंड रवाना, 2019 के बाद श्रीलंका की पहली यात्रा, कई समझौते की उम्मीद
Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार 03 अप्रैल को थाईलैंड और श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए। पीएम मोदी इस दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा का मकसद भारत का इन देशों और बिम्सटेक देशों के साथ सहयोग बढ़ाना है। बता दें कि पीएम मोदी ने 15 दिसंबर को अपनी इस यात्रा की घोषणा की थी।
पीएम मोदी ने थाईलैंड रवाना होने से पहले X पर बताया, 'अगले तीन दिनों में मैं थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा पर रहूंगा और इन देशों तथा बिम्सटेक देशों के साथ भारत के सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा।' मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी पहले थाईलैंड और फिर वे श्रीलंका जाएंगे।

पीएम मोदी गुरुवार को थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनवात्रा से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में भारत और थाईलैंड की दोस्ती के हर पहलू पर बात होगी। दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर जोर रहेगा। अगले दिन शुक्रवार 04 अप्रैल को मोदी छठे बिम्सटेक सम्मेलन में शामिल होंगे।
इस दौरान वे थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न से भी मिलेंगे। यह यात्रा शिनवात्रा के निमंत्रण पर हो रही है। पीएम ने कहा कि पिछले 10 सालों में बिम्सटेक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में विकास, संपर्क और आर्थिक तरक्की के लिए एक बड़ा मंच बन गया है। भारत का पूर्वोत्तर इलाका इस क्षेत्र के बीच में है, इसलिए यह भारत के लिए बहुत खास है।
बिम्सटेक देशों के नेताओं से मिलकर पीएम मोदी लोगों के हित में सहयोग बढ़ाने की कोशिश करेंगे। थाईलैंड में वे शिनवात्रा और वहां के नेताओं से भी बात करेंगे। दोनों देशों के बीच पुराने रिश्ते हैं, जो संस्कृति, दर्शन और आध्यात्मिकता पर आधारित हैं। इन रिश्तों को और मजबूत करना उनका लक्ष्य है।
श्रीलंका की पहली यात्रा होगी
शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम मोदी 4 अप्रैल को श्रीलंका की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह 2019 के बाद से द्वीप राष्ट्र की उनकी पहली यात्रा होगी। इस बारे में पीएम मोदी ने X पर लिखा, 'मेरी श्रीलंका यात्रा 4 से 6 तारीख तक होगी। यह यात्रा राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की भारत की सफल यात्रा के बाद हो रही है।'
पीएम ने आगे कहा कि हम बहुआयामी भारत-श्रीलंका मैत्री की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। मैं वहां होने वाली विभिन्न बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं। इस यात्रा के दौरान मोदी श्रीलंकाई नेतृत्व के साथ मिलकर 'साझा भविष्य के लिए साझेदारी को बढ़ावा देने' के अपने संयुक्त दृष्टिकोण की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
कूटनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना
इन यात्राओं से भारत के कूटनीतिक लक्ष्यों को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाने और क्षेत्र में निरंतर विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने की उम्मीद है। पीएम ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि ये यात्राएं अतीत की नींव पर बनेंगी और हमारे लोगों और व्यापक क्षेत्र के लाभ के लिए हमारे घनिष्ठ संबंधों को मजबूत करने में योगदान देंगी।'












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