2024 Election: नीतीश को 'बड़ी भूमिका' देने पर फंस गया पेच? कांग्रेस के बाद CPI ने भी बढ़ाया सस्पेंस
इंडिया ब्लॉक की एक अहम सहयोगी सीपीआई के नेता डी राजा ने जेडीयू सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गठबंधन में बड़ी भूमिका दिए जाने को लेकर पूछे गए सवालों से कन्नी काट ली है। इस मामले में कांग्रेस के बयान ने पहले ही जेडीयू को भड़का रखा है।
अलबत्ता सीपीआई महासचिव ने नीतीश को इंडिया ब्लॉक के 'शीर्ष नेताओं' में से एक जरूर बताया है। उन्होंने पटना में मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इंडिया ब्लॉक को लेकर पूछे गए कई सवालों पर बात की है।

पीएम चेहरे पर फैसला चुनाव जीतने के बाद- सीपीआई
डी राजा ने कहा है कि इंडिया ब्लॉक के सदस्य चाहते थे कि प्रधानमंत्री का चेहरा 'लोकसभा चुनाव जीतने के बाद' घोषित हो। इसके लिए उन्होंने 1990 के दशक में बने यूनाइे फ्रंट सरकार का भी हवाला दिया।
कांग्रेस के बाद सीपीआई ने भी बढ़ाया सस्पेंस
यह पूछे जाने पर कि क्या नीतीश को 'संयोजक' घोषित करना गठबंधन के लिए फायदेमंद रहेगा। इसपर उन्होंने कहा, 'यह एक धारणा है, लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि ऐसा नहीं करने से भी गठबंधन में एकजुटता प्राप्त करने में कोई बाधा नहीं आने वाली है।'
नीतीश को 'बड़ी भूमिका' देने पर फंस गया पेच?
उन्होंने ये तो कहा कि 'बेशक नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन के हमारे शीर्ष नेताओं में से एक हैं। वह बहुत ही अनुभवी हैं।' लेकिन, बिहार में सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता को विपक्षी गठबंधन में 'बड़ी भूमिका' देने पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचने की कोशिश की।
जबकि, नीतीश कुमार की जेडीयू के नेताओं की ओर से उन्हें संयोजक पद से भी पढ़कर प्रधानमंत्री उम्मीदवार का चेहरा घोषित किए जाने तक की मांग हो रही है।
खड़गे के बयान पर सीपीआई ने लगाई मुहर?
दरअसल, शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऐसे ही सवाल पर कह दिया था, 'यह प्रश्न (इंडिया ब्लॉक का संयोजक कौन बनेगा) कौन बनेगा करोड़पति जैसा है? इस पर आगे 10-15 दिनों में फैसला लिया जाएगा, हमारी अगली बैठक में। इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।'
सीट-शेयरिंग पर क्या बोली सीपीआई?
वहीं इंडिया ब्लॉक में सीट-शेयरिंग के बारे में सीपीआई नेता ने कहा, 'हमारी पार्टी (सीपीआई) बिहार और देश के बाकी हिस्सों में भी एक वाजिब शक्ति है। लेकिन, जब हम चर्चा के लिए बैठते हैं, तो हमारा जोर एक ऐसा समझौता करने पर रहेगा, जिसमें सभी हिस्सेदारों को बेहतर तरह से समायोजित किया जाए, जो हमारी जीत सुनिश्चित करे।'
इंडिया ब्लॉक में फैसले लेने में देरी की जेडीयू-आरजेडी की चिंताओं को नकारा
लेकिन, सीपीआई नेता ने इंडिया ब्लॉक के हाथ से समय निकलने और सीटों के बंटवारे समेत तमाम फैसलों में हो रही देरी को लेकर जेडीयू और आरजेडी नेताओं की चिंताओं को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है।
राजा ने कहा कि 'मुझे नहीं लगता कि हम लेट हो रहे हैं। इसकी स्पीड नापने का कोई पैमाना है कि किस रफ्तार से चीजें होनी चाहिए। लेकिन, हम सही समय पर हर फैसला ले रहे हैं।'
इंडिया ब्लॉक के चलते बीजेपी घबरा गई- सीपीआई
सीपीआई नेता का यहां तक दावा है कि इंडिया ब्लॉक की वजह से केंद्र में सरकार चलाने वाली बीजेपी 'घबरा' गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'यहां तक कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री तक हमें गालियां दे रहे हैं'। उनका यह भी आरोप है कि 'हमारे सहयोगियों को डराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।'
डी राजा का कहना है कि 'देश बचाने के लिए बीजेपी को हराना पड़ेगा। इसलिए, इंडिया ब्लॉक का मूल संकल्प 'देश बचाओ, बीजेपी हटाओ' है। गठबंधन के सभी दलों ने मिलकर लड़ने और भगवा पार्टी को हराने का संकल्प लिया है।' (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications