बिहार: महागठबंधन में पड़ी फूट, सहयोगी दलों ने मांगी इतनी सीटें
नई दिल्ली। बिहार में आरजेडी जनवरी के अंत तक सीटों के बंटवारे को फाइनल करना चाहती है, लेकिन अब सीट शेयरिंग फॉर्मूले के चलते ही महागठबंधन में दरार दिखनी शुरू हो गई है। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) बिहार में विपक्षी गठबंधन के साथ मिलकर मोर्चा संभालने की कोशिश कर रही है। राजद चाहती है कि, जनवरी के अंत तक सीट शेयरिंग डील पूरी हो जाए। लेकिन गठबंधन में अधिक दलों के शामिल हो जाने के चलते सीटों के लेकर खींचतान शुरू हो गई है।

राजद के खाते में आ रही हैं सिर्फ 8 सीटें
भाजपा की सहयोगी पार्टी रही उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और मुकेश सहानी की अगुवाई वाली विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) समेत सात पार्टियां बिहार में महागठबंधन का हिस्सा हैं। ये सभी बिहार की 40 लोकसभा सीटों की होड़ में शामिल हैं। दिप्रिंट के मुताबिक, इस महागठबंधन में कांग्रेस 12 सीटें मांग रही है, तो वहीं सीपीआई और सहानी की पार्टी तीन-तीन सीटें मांग रही है। इसके अलावा सीपीआई(एमएल), आरएलएसपी और जीतनराम मांझी ने चार-चार सीटों की मांग रखी है। इस हिसाब के राजद के खाते में सिर्फ आठ सीटें ही आती दिख रही हैं।

कांग्रेस के पास बिहार में कोई बड़ा चेहरा नहीं
ऐसी भी अटकलें हैं कि राजद यूपी की सीमा से लगने वाली गोपालगंज संसदीय सीट को बसपा के लिए छोड़ना चाहती है, ताकि मायावती से अच्छे संबंध रखे जा सकें। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद ने कहा कि, अगर हम सभी की मांगें मान लेते हैं, तो राजद के पास कुछ नहीं बचेगा। आरजेडी के एक अन्य पूर्व सांसद ने कहा, कांग्रेस बिहार में एक हाशिए की खिलाड़ी है। वह अपने आप को उन राज्यों तक सीमित रखगी, जहां वह भाजपा के साथ सीधे मुकाबले में है। इसके अलावा, बिहार में कांग्रेस के पास पूर्व स्पीकर मीरा कुमार और अब पूर्व सांसद तारिक अनवर के बाद उनके पास कोई ऐसा उम्मीदवार नहीं है जो जीतता दिख रहा हो।

सीटों का बंटवारा करने में लालू को मास्टर
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि, हम काफी समस्या का सामना कर रहे हैं। प्रत्येक घटक सीटों के लिए कठिन सौदेबाजी कर रहा है। यह एक नाजुक संतुलनकारी कार्य होगा। राजद के सूत्रों ने हालांकि संकेत दिया कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव महीने के अंत तक सीट शेयरिंग एग्रीमेंट करने के इच्छुक हैं । इसके लिए वह पहले ही गठबंधन के कुछ सहयोगियों से मुलाकात कर चुके हैं। राजद के एक नेता ने कहा, उन्होंने (लालू ने) शरद यादव को राजद के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए कहा है। सीटों का बंटवारा करने में लालू को मास्टर माना जाता है। वे अपने प्रत्याशियों की घोषणा करने से पहले सहयोगियों पर जोर देंगे।

एक सीट के कई दावेदार
लेकिन हाल ही में सीट शेयरिंग के चलते गठबंधन में फूट का उजागर कर दिया है। आरएलएसपी के बिहार अध्यक्ष नागमणि जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र खुद को संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखते हैं। जबकि राजद के सुरेंद्र यादव ने पहले ही इस सीट पर चुनाव प्रचार करना शुरू कर दिया है। नागमणि अपने लिए बिहार में जहानाबाद और खुद के लिए झारखंड की चातरा सीट मांग रहे हैं। इसी तरह का विवाद दरभंगा सीट से है। दरभंगा संसदीय सीट से तीन दावेदार हैं ,पहला राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी, कांग्रेस से पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद और सहानी।












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