बिहार के मजदूर ने बड़ी मुश्किल से जमा की फीस, बेटी ने केरल की यूनिवर्सिटी में कर दिया टॉप
नई दिल्ली: अगर हौसला हो तो इंसान तमाम मुश्किलों के बावजूद भी अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाता है। इस बात को सच साबित किया है बिहार की बेटी पायल कुमारी ने। जिन्होंने केरल के महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में टॉप किया है। पायल की मेहनत देख केरल के मुख्यमंत्री पिन्नाराई विजयन भी उनके मुरीद हो गए। साथ ही उनके और उनके परिवार के इस हौसले की तारीफ की।
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पिता करते हैं मजदूरी
दरअसल पायल का परिवार बिहार के शेखपुरा से दो दशक पहले केरल आ गया था। इसके बाद उनके पिता ने यहीं पर मजदूरी शुरू कर दी। बड़ी मुश्किल से इंटर तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कोच्चि के करीब पेरुंबावूर स्थित मारथोमा महिला कॉलेज में इतिहास के आर्कियोलॉजी के स्नातक कोर्स में एडमिशन लिया। कई बार तो उनका नाम कटने तक की नौबत आ गई, क्योंकि उनके परिवार के पास फीस के पैसे नहीं थे।

मुश्किल के बावजूद लाए 85 प्रतिशत
पायल ने बताया कि उनके अंतिम वर्ष की परीक्षा थी, लेकिन उन्होंने फीस नहीं जमा की थी। बाद में उनके परिवार ने कहीं से तीन हजार रुपये की व्यवस्था की और फीस जमा की। फिर जाकर वो परीक्षा में बैठ पाईं। अब उन्होंने 85 प्रतिशत अंक हासिल कर यूनिवर्सिटी में टॉप किया है। उनका कॉलेज केरल के महात्मा गांधी विश्वविद्यालय से संबंध है। पायल का मकसद अब जेएनयू से स्नातक कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना है। उन्होंने कहा कि वो आईएएस बनना चाहती हैं, इसके लिए वो जमकर मेहनत करेंगी।

सीएम ने भी की बात
एक मजदूर की बेटी के टॉप करने की खबर तेजी से फैली। इसके बाद मुख्यमंत्री पिन्नाराई विजयन को भी पायल के स्ट्रगल के बारे में पता चला। उन्होंने तुरंत पायल और उनके परिवार से फोन पर बात की। साथ ही उन्हें इस सफलता के लिए बधाई दी। सीएम से बात के दौरान पायल ने कहा कि हिस्ट्री के टीचर ने उनकी काफी मदद की थी। उनके सारे पेपर तो अच्छे गए थे, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वो टॉप करेंगी। पायल के पिता प्रमोद कुमार भी बेटी की सफलता पर काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि बेटी का आगे पढ़ाने के लिए वो अपनी ओर से हर संभव कोशिश करेंगे।












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