Bihar Kushal Yuva Program:युवाओं के लिए सरकार की बड़ी पहल, कुशल युवा कार्यक्रम कैसे दे रहा बेरोजगारों को सहारा?
Bihar Kushal Yuva Program: बिहार में बेरोजगारी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी युवाओं को रोजगार पाना आसान नहीं होता, क्योंकि सिर्फ डिग्री से नौकरी मिलना संभव नहीं। इसी कड़ी को तोड़ने के लिए बिहार सरकार ने एक खास पहल शुरू की 'कुशल युवा कार्यक्रम' के रूप में। यह योजना युवाओं को नौकरी के लिए जरूरी कौशल जैसे कंप्यूटर, भाषा और संवाद कला सिखाने पर केंद्रित है। तीन महीने की इस ट्रेनिंग के बाद युवा रोजगार बाजार में और मजबूत होकर उतरते हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं।
कुशल युवा कार्यक्रम की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। इसे बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत शुरू किया गया। योजना का सीधा फायदा उन युवाओं को मिल रहा है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में हैं लेकिन स्किल की कमी से पीछे रह जाते हैं।

क्या है योजना का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को कंप्यूटर साक्षरता, भाषा और संवाद कौशल के साथ-साथ जीवन कौशल सिखाना है। सरकार का मानना है कि इन तीन क्षेत्रों में मजबूत होने से रोजगार के अवसर आसानी से मिलते हैं।
ये भी पढ़ें: Atal Pension Yojana: बुढ़ापे की टेंशन खत्म! अटल योजना के जरिए कैसे मिलेगा हर महीने पेंशन?
कौन ले सकता है लाभ
- योजना का लाभ बिहार के निवासी बेरोजगार युवा उठा सकते हैं।
- आवेदन करने वाले की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास होनी चाहिए।
- उम्र सीमा सामान्य वर्ग के लिए 15 से 25 साल रखी गई है।
- आरक्षित वर्ग (SC/ST, OBC, PwD) के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में कुछ छूट दी गई है।
कौन नहीं कर सकता आवेदन
- जो उम्मीदवार 10वीं पास नहीं हैं।
- जो युवा पहले से रोजगार में हैं।
- जो बिहार के स्थायी निवासी नहीं हैं।
- इसके अलावा, जो निर्धारित समय पर दस्तावेज़ सत्यापन नहीं कराते, उनका आवेदन भी रद्द हो सकता है।
कितनी होती है ट्रेनिंग
कार्यक्रम के तहत युवाओं को कुल 240 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसे लगभग तीन महीने में पूरा किया जाता है।
- भाषा और संवाद कौशल - 80 घंटे
- कंप्यूटर स्किल्स - 120 घंटे
- जीवन कौशल - 40 घंटे
कैसे करना होता है आवेदन
कुशल युवा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है। रजिस्ट्रेशन के बाद एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। इसके बाद उम्मीदवार को अपने जिले के District Registration and Counseling Centre (DRCC) में जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराना होता है।
यदि आप आत्मनिर्भर भत्ता योजना (Self Help Allowance) के तहत नहीं आते, तो इसके लिए एक सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देना पड़ता है, जिसे कोर्स पूरा करने पर वापस कर दिया जाता है।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
बिहार सरकार का मानना है कि यह योजना राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। कंप्यूटर और भाषा की ट्रेनिंग मिलने से युवाओं को रोजगार के ज्यादा मौके मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
ये भी पढ़ें: क्या है PM-VBRY योजना? जिसका PM मोदी ने लाल किले से किया ऐलान, पहली नौकरी पर मिलेंगे 15,000 हजार रुपए









Click it and Unblock the Notifications