Bihar Exit Poll: भाजपा के बागियों ने LJP के जरिये NDA को किया भारी नुकसान, भोजपुर में महज 9 सीटें
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और आखिरी चरण का चुनाव खत्म होते ही एग्जिट पोल के नतीजे आने लगे हैं। अभी तक आए लगभग सभी एग्जिट पोल में महागठबंधन ने एडीए पर बढ़त बनाई है। इस चुनाव में सबसे खास बात है नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) चुनाव खत्म होने तक पीछे हो गया है जो कि चौकाने वाला है। तेजस्वी के नेतृत्व में महागठबंधन चुनाव के दौरान मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफल रहा है।
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LJP ने दिया NDA को झटका
एग्जिट पोल के नतीजों पर नजर डालें तो साफ समझ आ रहा है कि अलग होकर चुनाव लड़ी चिराग पासवान की लोजपा ने एनडीए को भारी नुकसान पहुंचाया है। अगर भोजपुर इलाके की बात करें तो इस इलाके में लोजपा ने एनडीए को तगड़ा झटका दिया है। भोजपुर इलाके में भोजपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, कैमूर (भभुआ), रोहतास और औरंगाबाद ये 8 जिले आते हैं। इन 8 जिलों में विधानसभा की कुल 49 सीटें हैं।
इंडिया टुडे एक्सिस माय एग्जिट पोल के मुताबिक इन 49 सीटों में से एनडीए को केवल 9 सीटें मिलती नजर आ रही हैं।

भोजपुर में महागठबंधन सबसे आगे
भोजपुर की 49 सीटों को लेकर एग्जिट पोल के नतीजों को देखें तो 33% वोट के साथ एनडीए को 9 सीटें मिल रही हैं। वहीं 45% महागठबंधन को यहां बंपर 33 सीटें मिल रही हैं। लोजपा को इस इलाके में सीटें तो सिर्फ 2 ही मिल रही हैं लेकिन पार्टी ने 7% वोट हासिल किए हैं। साफ नजर आ रहा है कि अगर लोजपा एनडीए के साथ रही होती तो तस्वीर कुछ दूसरी होती। वहीं रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाला ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट (GDSF) भी भोजपुर के इलाके में 6 प्रतिशत वोट हासिल करते नजर आ रहा है। GDSF को एग्जिट पोल में 1 सीट मिलती दिखाई गई है। वहीं एग्जिट पोल के नतीजों में अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में 9 प्रतिशत वोट के साथ 4 सीटें आई हैं।

बागियों ने दिया बीजेपी को बड़ा झटका
भोजपुर वही इलाका है जहां की दिनारा सीट से भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा है। राजेंद्र सिंह चुनाव के ठीक पहले पार्टी छोड़कर लोजपा में शामिल हो गए थे। राजेंद्र सिंह ने सीट जेडीयू के खाते में जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए पार्टी छोड़ने की बात कही थी। राजेंद्र सिंह के जाने को उस समय भी बड़ा झटका माना गया था। 2015 के चुनाव में राजेंद्र सिंह यहां जेडीयू के मंत्री जय कुमार सिंह से महज 2000 वोट के अंतर से हार गए थे। यही नहीं भाजपा के कई बागी नेता लोजपा के टिकट पर मैदान में उतरे। खास बात ये रही कि इन नेताओं के लोजपा में चुनाव लड़ने के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार करते देखे गए थे। ये नेता खुद और लोजपा भी चुनाव में भाजपा से अपनी नजदीकी की बात भी करते रहे थे जिसका असर एग्जिट पोल के नतीजों में साफ नजर आ रहा है।

चिराग ने 25 सीटों पर पहुंचाया नुकसान
रिपब्लिक भारत (Republic Bharat) के एग्जिट पोल के अनुसार बिहार की जनता ने इस बार महागठबंधन पर भरोसा जताते हुए जेडीयू+ के हाथों में सत्ता सौंपने का विचार बनाया है। वहीं एनडीए को भारी मात्रा में सीटों को नुकसान होता दिखाई दे रहा है। Republic Bharat exit poll के अनुसार बिहार में महागठबंधन को 116 से 138 सीटें, एनडीए को 91 से 119 सीटें और एलजेपी के खाते में 5 से 8 सीटें आ सकती हैं।












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