नीतीश कुमार ने कही राज्य में कोयले की कमी की बात, केरल सरकार के सामने भी संकट
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर: देश की बिजली कंपनियों के सामने कोयले की किल्लत को लेकर दो और राज्यों, बिहार और केरल ने भी परेशानी का सामना करने की बात कही है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कम कोयले मिलने की बात कही है। वहीं केरल के बिजली मंत्री ने कहा है कि राज्य में संकट है और वो महंगे दामों पर बिजली खरीद कर किसी तरह पूर्ति कर रहे हैं।

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नीतीश कुमार ने आज कहा, यह बात बिल्कुल सही है कि समस्या है। जहां से आपूर्ति होती थी, वहां उनका उतना उत्पादन नहीं है। कोई कारण हैं जिसके चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। जितनी बिहार की जरूरत है उस हिसाब से या तो हमें एनटीपीसी से मिलता है या फिर प्राइवेट कंपनियों से लेते थे। इन कंपनियों से जितनी आपूर्ति का प्रावधान था, वह नहीं हो पा रही है। इसके चलते समस्या आई है। नीतीश ने कहा कि ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ बिहार की स्थिति है, यह सब जगह की स्थिति है।
केरल में भी संकट
केरल के बिजली मंत्री के कृष्णनकुट्टी ने बताया है कि राज्य सरकार 19 अक्टूबर के बाद बिजली कटौती पर फैसला लेगी। फिलहाल राज्य 100 मेगावाट की कमी का सामना कर रहा है, हम उच्च कीमतों पर बिजली खरीदकर मांग-आपूर्ति के अंतर को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पावर प्लांट्स में कोयले की आपूर्ति में कमी और इससे बिजली संकट को लेकर आज एक उच्च स्तरीय बैठक भी की है।
दिल्ली सरकार ने केंद्र से संकट का हल निकालने को कहा
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि किसी भी पावर प्लांट में 15 दिन से कम का स्टॉक नहीं होना चाहिए। अभी ज्यादातर प्लांट में 2-3 दिन का स्टॉक बचा है। एनटीपीसी के सारे प्लांट 55-50 फीसदी क्षमता पर काम कर रहे हैं। कोयले की बहुत बड़ी समस्या है। दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने देश में कोयले की आपूर्ति में कमी पर कहा कि हम केंद्र के साथ मिलकर पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम नहीं चाहते किसी भी तरह की आपात स्थिति पैदा हो। इस समय पूरे देश में स्थिति काफी नाज़ुक है। कई मुख्यमंत्री इस बारे में केंद्र सरकार को पत्र लिख चुके हैं।
छत्तीसगढ़ सीएम ने पूछा- केंद्र सरकार क्या कर रही?
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर कहा, केंद्र सरकार एक तरफ दावा करती है कि कोयले की कोई कमी नहीं है, दूसरी तरफ पॉवर प्लांट लगातार बंद होते जा रहे हैं। केंद्र सरकार जो दावा कर रही है उसमें कोई सच्चाई नहीं है। विदेश से जो कोयला आ रहा था वो भी बंद हो गया। केंद्र सरकार कर क्या रही है?












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