Bihar Election: सीट बंटवारे पर NDA की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बताया, बिहार में कौन है बड़ा भाई ?
पटना। राजधानी पटना के एक होटल में मंगलवार को सीट बंटवारे के ऐलान के साथ ही बिहार चुनाव में एनडीए (NDA) की तस्वीर साफ हो गई है। सीट बंटवारे में जेडीयू को 122 सीट मिली है जबकि भाजपा को 121 सीटें मिली हैं। जेडीयू अपने हिस्से से 7 सीट हिंदुस्तानी अवाम पार्टी (सेक्युलर) को 7 सीटें देंगी वहीं हाल ही में महागठबंधन छोड़कर एनडीए में शामिल हुए विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को 9 सीटें मिली हैं जिसे भाजपा अपने खाते से देगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने एक बार ये बता दिया कि एनडीए में इस बार बड़ा भाई कौन होगा ?

बड़ा भाई या छोटा भाई कौन
राज्य में जेडीयू और भाजपा में अगर 2014 से 2017 का समय छोड़ दें तो जेडीयू और भाजपा 1996 से साथ हैं। इस दौरान लंबे समय तक जेडीयू लंबे समय तक जेडीयू राज्य में एनडीए गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में रही। 2010 के विधानसभा चुनावों में राज्य की 242 विधानसभा सीट में पार्टी 141 सीट पर चुनाव लड़ी थी जबकि भाजपा के हिस्से में 102 सीट आई थीं। लेकिन 2015 में महागठबंधन बनाकर अलग चुनाव लड़ने के बाद जब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) 2017 में फिर एनडीए में लौटे तो राज्य में दो कुर्सी पर कब्जे की लड़ाई थी। पहली थी मुख्यमंत्री की कुर्सी जिसे भाजपा ने नीतीश को सौंप दिया। दूसरी कुर्सी थी बड़े भाई की कुर्सी जिसके लिए 2019 लोकसभा चुनाव में मतभेद सामने आया। पहली बार राज्य में भाजपा ने अपने लिए ज्यादा सीटें मांगी। आखिरकार बात बनी तो बराबर पर। दोनों ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा जबकि 6 सीट तीसरे पार्टनर लोजपा को दी गई। उस समय जेडीयू ने कहा था कि लोकसभा की बात अलग है लेकिन विधानसभा चुनाव में जेडीयू ही बड़ा भाई रहेगी।

जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे चुभते सवाल
2020 के चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर यही पेच फंसा हुआ था। जेडीयू किसी भी कीमत पर भाजपा से कम सीट पर मानने को तैयार नहीं थी। पार्टी का कहना था कि भले ही वह एक सीट पर ज्यादा चुनाव लड़े लेकिन कम पर नहीं लड़ेगी। यही वजह है कि जब सीट बंटवारे का ऐलान हुआ तो बीजेपी के हिस्से जहां 121 सीट आई वहीं जेडीयू को एक सीट ज्यादा मिली। सिर्फ इतनी ही बात यही नहीं थी। अब सवाल था मुख्यमंत्री कौन बनेगा ?
ये सवाल यूं ही नहीं था। दरअसल एक दिन पहले ही एनडीए का घटक रहे चिराग पासवान के अपनी अलग राह चुन लेने के बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या बीजेपी चुनाव के बाद नीतीश को आउट करके अपना सीएम बना सकती है। इस संभावना को बल मिला था गठबंधन तोड़ते समय लोजपा के उस ऐलान से जिसमें पार्टी ने कहा था कि पार्टी चुनाव के बाद भाजपा-लोजपा की सरकार बनाएगी। यही नहीं पार्टी ने नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की। कहा गया कि जेडीयू के खिलाफ हैं लेकिन भाजपा के साथ हैं। इसे लेकर मीडिया में सवाल उठने लगे।

चिराग के मुद्दे पर सफाई देती नजर आई भाजपा
यही सवाल एनडीए की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने भी उठे। नीतीश ने तो इस सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया लेकिन उन्होंने जवाब की गेंद भाजपा के पाले में डाल दी। इस पर भाजपा नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी जब जवाब देते समय सफाई देते नजर आए। भाजपा को ये साफ करना पड़ा कि एनडीए में वही है जो नीतीश को अपना नेता स्वीकार करके काम करेगा। सिर्फ इतना ही नहीं पार्टी को ये भी कहना पड़ा कि बिहार चुनाव में एनडीए में शामिल चार पार्टियों के अलावा जो भी प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल कर वोट मांगेगा, भाजपा उसके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत करेगी। चिराग पासवान बिहार चुनाव में एनडीए और भाजपा के साथ नजदीकी दिखाने के लिए नरेंद्र मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल कर रहे थे।

नीतीश ने साबित किया वे ही बड़े भाई ?
जब चुनाव बाद मुख्यमंत्री बनने का सवाल आया तो भी भाजपा ने ही जवाब दिया। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नतीजे चाहे जो भी हों सीएम नीतीश कुमार ही होंगे। जब उनसे फिर पूछा गया कि अगर भाजपा की सीट ज्यादा हुई तो सुशील मोदी ने कहा कि अगर-मगर का सवाल ही नहीं है। सीट चाहे भाजपा की ज्यादा आए या जेडीयू की, चुनाव के बाद नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री होंगे। संख्या किसकी क्या आई, इसके कहीं कोई कन्फ्यूजन न रहे। सीएम नीतीश कुमार ही होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जहां नीतीश कुमार ने चिराग पासवान के बारे में कोई बात नहीं की। यहां तक कि चिराग का नाम भी नहीं लिया। हालांकि राम विलास पासवान को लेकर जरूर उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान बिना जेडीयू की मदद के राज्यसभा नहीं पहुंचे हैं। वहीं लोजपा के मुद्दे पर भाजपा पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई देती नजर आई। वैसे तो 10 नवम्बर को चुनाव नतीजों के बाद ही पता चलेगी कि बिहार में किसकी बहार आएगी लेकिन मंगलवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने ये बता दिया कि दिल्ली में बड़े भाई नरेंद्र मोदी हैं लेकिन बिहार में तो बड़ा भाई नीतीश कुमार ही हैं।












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