आखिर क्यों सिद्धार्थ शुक्ला की जीत लोगों को नहीं हो रही है हजम, ये रही वजहें

नई दिल्ली। बिग बॉस का यह सीजन खत्म हो गया है, लेकिन अभी भी यह चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सोशल मीडिया पर बिग बॉस के विजेता को लेकर अभी भी बहस छिड़ी हुई है। बिग बॉस के घर में तकरीबन साढ़े चार महीने गुजारने के बाद सिद्धार्थ शुक्ला को इस सीजन का विजेता घोषित किया गया, लेकिन जीत के बाद भी सिद्धार्थ को तमाम आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है और लोग जमकर उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। बिग बॉस की जीत का सिद्धार्थ शुक्ला जश्न नहीं मना पा रहे हैं, यहां तक कि उनकी जीत पर उठ रहे सवालों पर भी उन्हें सफाई देनी पड़ी है।

जीत के भी हारे

जीत के भी हारे

सिद्धार्थ बिग बॉस के शो में काफी लोकप्रिय थे, इस दौरान उन्हें बादशाह और टीआरपी का किंग तक कहा गया। पूरा का पूरा शो उन्ही के इर्द गिर्द घूमता रहा। लेकिन जिस तरह से उन्होंने बिग बॉस का शो जीता उसके बाद उनकी हर तरफ आलोचना होने लगी। लोग आरोप लगाने लगे कि बिग बॉस का शो भेदभावपूर्ण है। सोशल मीडिया पर लोग सिद्धार्थ से ज्यादा आसिम रियाज का समर्थन कर रहे हैं और उन्हें शो का असल विजेता कह रहे हैं। यही नहीं तमाम सेलेब्स का भी माानना है कि सिद्धार्थ नहीं बल्कि आसिम ने लोगों का इस शो में दिल जीता है।

बदला रवैया

बदला रवैया

जिस तरह से विजेता बनने के बाद भी सिद्धार्थ को तमाम आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है उसने उनकी जीत को फीका कर दिया है। दरअसल सिद्धार्थ जीत के बाद भी जिस तरह से लोगों के निशाने पर हैं उसकी बड़ी वजह यह है कि जब उनकी बिग बॉस में एंट्री हुई तो उन्हें काफी गंभीर और मंझे हुए उम्मीदवार के तौर पर देखा गया, लेकिन शो में दिन बीतने के साथ ही सिद्धार्थ का हिंसक रवैया लोगों को देखने को मिला। जिस बेरुखी से वह लोगों से बात करते थे उसकी वजह से वह लोगों के निशाने पर आ गए थे।

गाली गलौज

गाली गलौज

यही नहीं सिद्धार्थ ने जिस तरह से तमाम उम्मीदवारों से लड़ाई झगड़ा शुरू कर दिया, गाली गलौज करने लगे और हिंसक रुख अख्तियार किया उसके बाद उनसा अलग ही रूप लोगों को देखने को मिला। ना सिर्फ ये सब बल्कि सिद्धार्थ ने कई बार शो के भीतर अपना आपा भी खोया। टास्क के दौरान उन्होने पारस और उनके माता-पिता को गाली तक दे दी, धक्कामुक्की की। सिद्धार्थ के इस बर्ताव के लिए बिग बॉस ने उन्हें सजा दी और सलमान खान ने उन्हें समझाया, लेकिन बावजूद इसके वह अपने आप पर काबू नहीं रख सके।

हिंसा में शामिल

हिंसा में शामिल

सिद्धार्थ का गुस्सैल रवैया देखकर वह लोग उन्हें नापसंद करने लगे। वह शो के विलेन बन गए और आसिम शो के हीरो के तौर पर सामने आए। जब भी आसिम और सिद्धार्थ की लड़ाई हुई तो लोगों ने आसिम का सोशल मीडिया पर समर्थन किया। खुद सलमान खान ने सिद्धार्थ को बदतमीज एंग्रीमैन का टैग दिया था। जिसके बाद सिद्धार्थ के रवैये की लोगों ने काफी आलोचना की थी। लेकिन इन सब से बेपरवाह सिद्धार्थ ने कई बार शो पर कहा कि वह यहां हीरो बनने के लिए नहीं आए हैं, अगर मैं विलेन दिखता हूं तो वही सही है। मैं अपनी छवि की परवाह नहीं करता। हालांकि शो के दौरान उन्होंने हर टास्क में अपना 100 फीसदी देने की कोशिश की लेकिन अपनी छवि को बदलने की कतई कोशिश नहीं की। यही वजह है कि सिद्धार्थ की इतनी नकारात्मक छवि होने के बाद भी जिस तरह से वह इस शो में विजेता बने लोग उसकी आलोचना कर रहे हैं और बिग बॉस को भेदभावपूर्ण बता रहे हैं।

आसिम ने तोड़ी चुप्पी

आसिम ने तोड़ी चुप्पी

वहीं इन तमाम आरोपों के बीच बिग बॉस के इस सीजन के उपविजेता आसिम रियाज ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कुछ भी ऐसा नहीं है, फिक्स कुछ भी नहीं होता...दर्शकों के प्यार की वजह से मैं यहां तक पहुंचा हूं और वो (सिद्धार्थ) भी जीता है, इसलिए फिक्स कुछ नहीं है...यही सच है, जो है सामने है।आसिम रियाज ने स्पष्ट कर दिया कि शो को लेकर जो शक जताया जा रहा है वो पूरी तरह से गलत और बुनियाद है। मालूम हो कि बिग बॉस 13 के फिक्स होने की अफवाह को तब हवा मिली जब कलर्स टीवी की एक कर्मचारी फेरिहा ने ट्विटर पर दावा किया कि वह चैनल को इसलिए छोड़ रही हैं, क्योंकि बिग बॉस शो के परिणाम से छेड़छाड़ की गई है और वह इसका विरोध करती हैं, चैनल चाहता है कि सिद्धार्थ विजेता बने, जबकि दर्शकों का वोट कुछ और कह रहा है।

बायस्ड नहीं है बिग बॉस

बायस्ड नहीं है बिग बॉस

जबकि फिक्‍सड विनर की बात पर अफसोस जताते हुए हुए सिद्धार्थ शुक्ला ने कहा था कि ये बहुत दुख की बात है कि लोग इस तरह से सोचते हैं। ऐसी बातों पर आप क्या रिएक्ट कर सकते हो। मैंने काफी मुश्किल जर्नी के बाद ये टाइटल जीता है। फिर उसपर कोई सवाल उठाता है तो दुख होता है। जो लोग ऐसा सोचते हैं उनके लिए मैं सॉरी फील करता हूं।

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