कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, 21 अप्रैल तक सख्ती से लागू होगा लॉकडाउन, नहीं मिलेगी कोई छूट
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने रविवार को लॉकडाउन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में 21 अप्रैल मध्य रात्री तक लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार 21 अप्रैल के बाद लॉकडाउन से छूट देने पर विचार कर सकती है। बता दें कि आज प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमे इस मसले पर चर्चा की जा सकती है। दरअसल केंद्रीय गृहमंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया था कि 20 अप्रैल से कुछ सेवाओं में छूट दी जाएगी, लेकिन कर्नाटक की सरकार ने लॉकडाउन को 21 अप्रैल तक सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है।

मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर ने तमाम विभागों को यह निर्देश जारी किया है कि जिसमे कहा गया है कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 21 अप्रैल की मध्य रात्रि तक सख्ती से लॉकडाउन का पालन कराएं। इससे पहले प्रदेश सरकार ने फैसला लिया था कि दो पहिया वाहन को चलने की इजाजत दी जाएगी, आईटी/बीपी कंपनियां अपना काम 33 फीसदी कर्मचारियों के साथ 20 अप्रैल से शुरू कर सकती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने बीएस येदियुरप्पा ने इस फैसले को वापस ले लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों के सुझाव का हवाला देते हुए इस फैसले को वापस ले लिया।
बता दें कि इससे पहले तेलंगाना सरकार ने लॉकडाउन को 7 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया था। तेलंगाना में मुख्यमंत्री केसीआर ने राज्य में लॉकडाउन को 7 मई तक के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार 5 मई को लॉकडाउन की स्थिति और कोरोना संक्रमण के मामलों पर विस्तार से तर्चा करेंगी और फिर उसपर फैसला लिया जाएगा। 5 मई की बैठक में राज्य में लॉकडाउन की स्थिति पर चर्चा होगी। केसीआर ने कहा कि 7 मई तक प्रदेश के सभी कंटेनमेंट जोन में 14 दिन का जरूरी आईसोलेशन पीरियड पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी एजेंसी और कंपनी को डोर टू डोर ई-डिलीवरी, फूड डिलीवरी, पार्सल डिलीवरी की इजाजत नहीं दी जाएगी।












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