देश के इन राज्यों में आज भारी बारिश की आशंका तो यहां आ सकती है धूल भरी आंधी
नई दिल्ली। गर्मी से बुरी तरह उबल रहे उत्तर भारत को बस अब मॉनसून का बेसब्री से इंतजार है, आसमानी शोलों से तप रही झारखंड की धरती पर आज मेघ मेहरबान हो सकते हैं, मौसम विभाग के मुताबिक आज झारखंड, बिहार में हल्के और मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, यह प्री-मॉनसून बारिश होगी, जबकि चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हरियाणा में दो दिन भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने इस दौरान गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

अगले चंद घंटों में यहां आ सकता है आंधी-तूफान
पूर्वानुमान के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली क्षेत्र में अगले 48 घंटे में अच्छी बारिश होने से 23 प्रतिशत बारिश की कमी पूरी होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, विदर्भ में 21 जून तक एक-दो स्थानों में हल्की तथा मध्यम बारिश की आशंका है तो वहीं 22 और 23 जून को उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ और मराठवाड़ा में अच्छी बारिश हो सकती है।

महाराष्ट्र में मॉनसून का आगमन 22 जून तक
स्काईमेट के मुताबिक दक्षिणी कोंकण-गोवा और इससे सटे दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र में मॉनसून का आगमन 22 जून तक हो सकता है। लेकिन मुंबई को मॉनसून के लिए कुछ और समय इंतज़ार करना पड़ेगा। अनुमान है कि, मुंबई में मॉनसून सामान्य से 18 दिन की देरी के साथ 26 या 27 जून तक पहुंच सकता है।

शाम तक यहां भी हो सकती है बारिश
मौसम विभाग ने यूपी के चित्रकूट, औरैया, हमीरपुर, जालौन, महोबा, बांदा, फतेहपुर, कन्नौज और राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली, श्रीगंगानगर, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर में गुरुवार को आंधी-बादल गरजने की चेतावनी जारी की है।

मॉनसून है लेट
प्रचंड गर्मी की मार झेल रहे भारत में इस बार मॉनसून पहले से ही लेट आया है और उसके बाद उसकी चाल को चक्रवात 'वायु' ने प्रभावित कर दिया है, जिसकी वजह से इसकी चाल और धीमी हो गई है, भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 12 साल में यह पहली बार है जब मॉनसून देश में इतनी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जहां आमतौर पर इस समय तक देश के दो-तिहाई हिस्से तक मॉनसून पहुंच जाता है, वहीं इस बार यह सिर्फ 10-15 प्रतिशत हिस्से तक ही पहुंच पाया है, जिसकी वजह से मॉनसून की बारिश में 44 प्रतिशत कमी आई है।












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