Bhopal Gas Tragedy: भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अतिरिक्त मुआवजे की मांग खारिज
Bhopal Gas Tragedy: भोपाल गैस त्रासदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।

Supreme Court on Bhopal Gas Tragedy: सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को अतिरिक्त मुआवजा देने वाली मांग की याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार (14 मार्च) को सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को यूनियन कार्बाइड कंपनी से 7400 करोड़ के अतिरिक्त मुआवजे दिलाने वाली केंद्र सरकार की क्यूरेटिव याचिका को खारिज की है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की याचिका खारिज करते हुए फटकार भी लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितों के मुआवजे में घोर लापरवाही को लेकर फटकारा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार द्वारा RBI के पास पड़े 50 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग लंबित दावों को पूरा करने के लिए कहा है।
भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को पहले यूनियन कार्बाइड कॉर्पोरेशन (अब इस कंपनी का स्वामित्व डॉव केमिकल्स के पास है) ने 470 मिलियन अमेरिकी डॉलर का मुआवजा दिया था। लेकिन पीड़ित इस मुआवजे से संतुष्ट नहीं थे इसलिए उन्होंने अधिक ज्यादा मुआवजे की मांग के लिए कोर्ट गए थे।
केंद्र सरकार ने 1984 में भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को यूनियन कार्बाइड कॉर्पोरेशन से 7,844 करोड़ रुपये के अतिरिक्त मुआवजा दिलाने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने दिसंबर 2010 में मुआवजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दायर की थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
भोपाल गैस त्रासदी 2-3 दिसंबर 1984 की रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) कीटनाशक संयंत्र में एक रासायनिक दुर्घटना थी। इसे दुनिया की सबसे खराब औद्योगिक आपदा मानी जाती है। भोपाल गैस त्रासदी में जान गंवाने की संख्या पर अनुमान अलग-अलग है। हालांकि अधिकारिक आंकड़ा 3,000 ही बताया जाता है। आसपास के छोटे शहरों में 500,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए थे।












Click it and Unblock the Notifications