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COVAXIN के खाते में एक और उपलब्धि, हंगरी से मिला GMP सर्टिफिकेट

नई दिल्ली, 05 अगस्त: भारत की स्वदेसी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन वायरस के खिलाफ इस जंग में बखूबी काम कर रही है। ऐसे में कोवैक्सीन के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। भारत बायोटेक की ओर से बनने वाली कोवैक्सीन को हंगरी से GMP प्रमाणपत्र मिला है। इस गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) सर्टिफिकेट की जानकारी गुरुवार को भारत बायोटेक की ओर से शेयर की गई। कंपनी ने बताया कि यह यूरोपीय नियामकों से भारत बायोटेक का मिलने वाला पहला EUDRAGDMP अनुपालन प्रमाणपत्र है।

 COVAXIN

वैक्सीन निर्माता कंपनी ने गुरुवार को अपने ट्वीट में बताया कि हमारे खाते में एक और मील के पत्थर के रूप में हंगरी से GMP प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। यह यूरोपीय नियामकों से भारत बायोटेक द्वारा प्राप्त पहला EUDRAGDMP अनुपालन प्रमाणपत्र है। ट्विटर पर पोस्ट किए गए नोट में कहा गया है कि कोवैक्सिन के निर्माण के लिए जीएमपी को प्रमाणित करने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड न्यूट्रिशन, हंगरी से मंजूरी मिली है।

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    भारत बायोटेक ने बताया कि जीएमपी सर्टिफिकेट अब EUDRAGDMP डेटाबेस पर सूचीबद्ध है, जो विनिर्माण प्राधिकरणों के यूरोपीय समुदाय के रिकॉर्ड और अच्छे विनिर्माण अभ्यास यानी गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के प्रमाण पत्र का कलेक्शन है। बता दें कि EUDRAGDMP डाटाबेस यूरोपीय देशों के मैन्युफैक्चरिंग ऑथराइजेशन का एक ग्रुप है। कंपनी ने बताया कि भारत बायोटेक कोवैक्सीन को लेकर दुनिया भर के कई देशों में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी (EUA) के लिए दस्तावेज जमा कर सकती है।

    नोट में कहा गया है कि इस मंजूरी के साथ भारत बायोटेक ने वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर टीकों के नवाचार और निर्माण में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है और हम COVID-19 महामारी के खिलाफ चल रही लड़ाई में आगे बढ़ रहे हैं। कोवैक्सीन भारत में चल रहे कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में इस्तेमाल की जाने वाली मेड इन इंडिया वैक्सीन हैं, जो बडे़ स्तर पर कोरोना के खिलाफ जंग में बड़ी भूमिका निभा रही है।

    डेल्टा प्लस और डेल्टा पर असरदार

    आपको बता दें कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट पर भी प्रभावकारी पाई गई है। आईसीएमआर की बायोरक्सिव में पब्लिश एक स्टडी में इसके बारे में कहा गया है। स्टडी में बताया गया कि आईजीजी एंटीबाडी का मूल्यांकन किया गया है। जिसमें देखा गया कि कोवैक्सीन की दोनों खुराक लेने वाले शख्स में कोविड-19 की आशंका लगभग खत्म जाती है। इसके अलावा कोवैक्सीन फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल में डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ भी 65.2 फीसदी असरदार है।

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