चंडीगढ़ पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने जताया हक, विधानसभा में पास किया गया प्रस्ताव
चंडीगढ़, 01 मार्च। पंजाब में सत्ता संभालने के बाद से मुख्यमंत्री भगवंत मान बहुत एक्शन में नजर आ रहे हैं। वहीं अब भगवंत मान ने शुक्रवार को चंडीगढ़ पर पंजाब का हक जताते हुए उसको तुरंत पंजाब में ट्रांसफर करने की मांग की है और विधानसभा में इससे संबधी प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने विधान सभा में पेश किए गए प्रस्ताव में केंद्र पर केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन में "संतुलन को बिगाड़ने" की कोशिश करने का आरोप लगाया और चंड़ीगढ़ को पंजाब में ट्रांसफर करने की मांग की।
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चंडीगढ़ को तुरंत पंजाब स्थानांतरित करने का प्रस्ताव हुआ पास
पंजाब विधानसभा ने आज चंडीगढ़ को पंजाब स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव को पूर्ण बहुमत के साथ पारित किया गया क्योंकि भाजपा के अलावा सभी दलों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
चंडीगढ़ को तुरंत पंजाब में ट्रांसफर किया जाए
मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के दो हफ्ते बाद भगवंत मान का बड़ा कदम केंद्र और पंजाब के बीच चल रहे संघर्ष के बीच केंद्र शासित प्रदेश को नियंत्रित करने के लिए आया है जो चंडीगढ़ पंजाब और पड़ोसी हरियाणा की राजधानी भी है।
जानें कैसे उठा ये मुद्दा
बता ये खींचतान तब शुरू हुई जब केंद्र में केंद्र सरकार के चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमों में बदलाव कर रहा है, जिससे उन्हें केंद्र सरकार में उनके समकक्षों के समान लाभ मिल रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले हफ्ते कहा था चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों को केंद्र सरकार में काम करने वाले उनके समकक्षों के समान लाभ मिलेगा, राज्य में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इससे चंडीगढ़ पर पंजाब का दावा कमजोर हो जाएगा और यह चला जाता है।
केंद्र सरकार इस संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है
संकल्प के लिए अपने नोटिस में भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के तहत, पंजाब राज्य को हरियाणा राज्य में पुनर्गठित किया गया था, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों को तत्कालीन केंद्र शासित प्रदेश हिमाचल को दे दिया गया था।तभी से पंजाब राज्य और हरियाणा राज्य के nominees को कुछ अनुपात में प्रबंधन पद देकर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड जैसी सामान्य संपत्ति के प्रशासन में एक बैलेंस का जिक्र किया था। अपनी कई हालिया कार्रवाइयों के जरिए केंद्र सरकार इस संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में बाहरी अधिकारियों को तैनात किया है
इस नोटिस में उन्होंने कहा केंद्र ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के सदस्यों के पदों को एड्रोटाइज किया है, जो ट्रेडिशनली पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों द्वारा सभी राज्यों और केंद्र सरकार के अधिकारियों को भरे जाते थे। इसी तरह चंडीगढ़ प्रशासन हमेशा पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों द्वारा 60:40 के अनुपात में मैनेज किया गया है। उन्होंने कहा हाल ही में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में बाहरी अधिकारियों को तैनात किया है और चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों के लिए केंद्रीय सिविल सेवा नियम पेश किए हैं, जो कि पूरी तरह से अतीत में समझ के खिलाफ जाता है।












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