Bengaluru Tunnel Road Project: 40 किमी लंबी सुरंग से ट्रैफिक होगा कम, 90 मिनट का सफर 35 मिनट में
Bengaluru Tunnel Road Project: कर्नाटक सरकार ने 6 मार्च 2026 को पेश किए गए बजट में बेंगलुरु के लिए कई ऐलान किए हैं। शहर के ट्रैफिक संकट को कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी 40 किलोमीटर लंबे टनल रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। लगभग ₹40,000 करोड़ की लागत से बनने वाली यह परियोजना शहर के सबसे व्यस्त इलाकों को अंडरग्राउंड सड़क के जरिए जोड़ेगी। इसके पूरा होने के बाद बेंगलुरु में यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
देश के कई मेट्रो सिटी में शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए अंडरग्राउंड टनल के विकल्प पर काम चल रहा है। मुंबई और हैदराबाद में भी ऐसे प्रोजेक्ट्स पहले से ही पाइपलाइन में है। अब बेंगलुरु के लिए भी टनल रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 90 मिनट का सफर महज 35 मिनट का होगा।

Bengaluru Tunnel Road Project: दो बड़े कॉरिडोर से जुड़ेगा शहर
- इस मेगा प्रोजेक्ट में दो प्रमुख कॉरिडोर बनाए जाएंगे। पहला उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर होगा जिसकी लंबाई लगभग 18 किलोमीटर होगी।
- यह कॉरिडोर हेब्बल फ्लाईओवर से सिल्क बोर्ड जंक्शन तक जाएगा। यह सुरंग जयमहल मेन रोड, क्वीन्स रोड, कैंटोनमेंट और लालबाग जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से होकर गुजरेगी।
- दूसरा पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर करीब 22 किलोमीटर लंबा होगा। यह कॉरिडोर शहर के पूर्वी हिस्से केआर पुरम को पश्चिम में मैसूर रोड से जोड़ेगा।
- इन दोनों कॉरिडोर के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच तेज और आसान कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी।
Bengaluru Tunnel Road: कई स्टेप में किया जाएगा सुरंग का निर्माण
इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में 17 किलोमीटर लंबे उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के निर्माण के लिए करीब ₹17,780 करोड़ के टेंडर पहले ही आमंत्रित किए जा चुके हैं। इस परियोजना को BOOT (Build-Own-Operate-Transfer) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसके तहत निजी कंपनियां सुरंग का निर्माण करेंगी, एक निश्चित अवधि तक उसका संचालन करेंगी और बाद में इसे सरकार को सौंप देंगी।
Bengaluru Tunnel Road Update: ट्रैफिक दबाव और यात्रा समय में होगी कटौती
इसके अलावा बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) भी एक अतिरिक्त परियोजना के तहत हेब्बल जंक्शन से मेखरी सर्कल तक एक अलग टनल और एलिवेटेड रोड का निर्माण करेगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹2,250 करोड़ बताई गई है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में यात्रा को तेज और सुगम बनाना है। अनुमान है कि इसके पूरा होने के बाद हेब्बल से सिल्क बोर्ड तक का सफर 90 मिनट से घटकर करीब 35 मिनट रह जाएगा।
टनल रोड में तीन लेन वाली सुरंग बनाई जाएगी, जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों के लिए एक समर्पित लेन भी प्रस्तावित है। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है।
आधुनिक तकनीक का उपयोग
इस सुरंग के निर्माण में अल्ट्रा-हाई परफॉर्मेंस फाइबर रीइनफोर्स्ड कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे निर्माण अधिक मजबूत और टिकाऊ होगा, साथ ही निर्माण कार्य की गति भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना बेंगलुरु के शहरी परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।












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