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Bengaluru Tunnel Project: बेंगलुरु में बन रही सुरंग से लालबाग के पेड़ों को होगा नुकसान? सरकार ने बताया प्लान

Bengaluru Tunnel Project: बेंगलुरु के बहुचर्चित टनल प्रोजेक्ट को लेकर लालबाग बॉटनिकल गार्डन के आसपास विवाद तेज हो गया है। शहर के इस ऐतिहासिक और पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण गार्डन के नीचे से टनल निर्माण की योजना पर सरकार, विशेषज्ञों और नागरिक समूहों के बीच गहन चर्चा चल रही है।

सरकार और बी-स्माइल (B-SMILE) के अनुसार, प्रस्तावित टनल लालबाग की सतह से लगभग 25 से 30 मीटर नीचे से गुजरेगी। इतनी गहराई का चयन इसीलिए किया गया है ताकि ऊपर मौजूद पेड़ों की जड़ों, जैव विविधता और ऐतिहासिक संरचनाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

Bengaluru Tunnel Project

Bengaluru Tunnel Project: लालबाग के पेड़ों को नहीं होगा नुकसान

- लालबाग में मौजूद कई पेड़ 200 साल से भी अधिक पुराने हैं, जिन्हें शहर के 'फेफड़े' कहा जाता है। वनस्पति वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि टनल निर्माण के दौरान खुदाई से भूमिगत जल स्तर (Water Table) प्रभावित हो सकता है।

- इससे पेड़ों की सेहत पर असर पड़ सकता है। इसके जवाब में सरकार ने 'शिल्डिंग तकनीक' और जल-अभेद्य कंक्रीट (Water-tight Concrete) के इस्तेमाल का भरोसा दिया है।

- इस जमीन के नीचे का इकोसिस्टम सुरक्षित रखा जा सके। इससे शहर के ऐतिहासिक लालबाग के पेड़ों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

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Lalbagh Greenery के साथ ग्लास हाउस भी सुरक्षित

इस प्रोजेक्ट का एक और अहम पहलू लालबाग का प्रसिद्ध ग्लास हाउस है, जो एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। विशेषज्ञों की चिंता है कि टनलिंग के दौरान होने वाले कंपन से इस संरचना को नुकसान हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अत्याधुनिक Tunnel Boring Machine (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा, जो कम कंपन और शोर के साथ काम करती है, जिससे ऊपर की संरचनाओं पर असर न्यूनतम रहेगा।

कर्नाटक हाई कोर्ट में डाली गई याचिका

वहीं, 'विरासत बनाम विकास' की बहस भी इस मुद्दे को और जटिल बना रही है। सिटिजंस ऑफ बेंगलुरु जैसे नागरिक समूहों ने आशंका जताई है कि टनल के वेंटिलेशन शाफ्ट से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ सकता है। इसके समाधान के लिए सरकार ने वेंटिलेशन पॉइंट्स को पार्क की मुख्य सीमा से दूर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। कर्नाटक उच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामे में सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लालबाग की एक इंच जमीन का स्थायी अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और न ही पार्क के भीतर कोई निर्माण दिखाई देगा।

Bengaluru Tunnel से कम होगा शहर का ट्रैफिक दबाव

सरकार का दावा है कि यह 'अदृश्य बुनियादी ढांचा' (Invisible Infrastructure) होगा, जो शहर के ट्रैफिक को कम करेगा, लेकिन लालबाग की हरियाली और विरासत को पूरी तरह सुरक्षित रखेगा। हालांकि, आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे कायम रखा जाता है।

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