Bengaluru-Mysuru Expressway: 75 मिनट में तूफानी गति से बेंगलुरू से मैसूर की यात्रा, 9000 करोड़ की लागत
बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन PM मोदी करेंगे। उद्घाटन 12 मार्च को होगा। इस मौके पर ट्रैफिक डायवर्जन भी किया जाएगा। देखिए इस एक्सप्रेसवे की कुछ शानदार Photos और ड्रोन VIDEO. एक्सप्रेसवे संबंधी अहम बातें भी जानिए

Bengaluru-Mysuru Expressway सरकार की अनेकों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में एक है। बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 मार्च को करेंगे। तमाम तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब एक्सप्रेसवे उद्घाटन के लिए तैयार है। लोकार्पण से पहले इसका अंतिम निरीक्षण किया जा रहा है।
12 मार्च को बदलेगा ट्रैवल का रूट
प्रधानमंत्री मांड्या जिले में एक कार्यक्रम में शरीक होंगे। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि इसी स्थान से एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जाएगा। तैयारियों के मद्देनजर मांड्या पुलिस ने 12 मार्च को एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रतिबंधों की घोषणा की। मांड्या के उपायुक्त एच एन गोपालकृष्ण द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, सभी वाहनों को नए रूट की ओर मोड़ दिया जाएगा। यात्रियों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्ग का ही इस्तेमाल करना होगा।

प्रधानमंत्री का आगमन, ट्रैफिक की नई व्यवस्था जरूर चेक करें
मांड्या में पीएम मोदी के कार्यक्रम के मद्देनजर ट्रैफिक डायवर्जन एडवाइजरी को जानना अहम है। एक नजर 12 मार्च के लिए बनाए गए वैकल्पिक मार्गों पर-
- मैसूरु से बेंगलुरु वाया मांड्या की यात्रा के लिए मैसूरु-बन्नूर-किरुगवालु-हलागुरु-कनकपुरा-बेंगलुरु मार्ग का इस्तेमाल करें।
- मैसूरु से तुमकुरु वाया मंड्या जाने के लिए मैसूरु, श्रीरंगपटना, पांडवपुरा, नागमंगला और बेलूर को तुमकुरु से जोड़ने वाले मार्ग का इस्तेमाल करें।
- मांड्या के रास्ते तुमकुरु से मैसूर जाने वाले यात्री तुमकुरु-बेलूर क्रॉस-नागमंगला-पांडवपुरा-श्रीरंगपटना-मैसूर मार्ग ले सकते हैं।

- बेंगलुरु से मैसूर जाने के लिए बेंगलुरु, चन्नापटना, हलागुरु, मालवल्ली, किरुगावलु, हलागुरु और बन्नूर से होते हुए मैसूर की यात्रा करें।
- मद्दुर के रास्ते बेंगलुरु से एमएम हिल्स जाने की प्लानिंग कर रहे यात्री बेंगलुरु-हलागुरु-मालवल्ली-कोल्लेगला-एमएम हिल्स रूट लें।
तूफानी गति से पहुंचें बेंगलुरु से मैसूर
बता दें कि भारतमाला परियोजना (बीएमपी) केंद्र सरकार की प्रमुख और महत्वाकांक्षी स्कीम में एक है। 119 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण इसी के हिस्से के रूप में किया गया है। एक्सेस-नियंत्रित (access-controlled) एक्सप्रेसवे से कर्नाटक के दो प्रमुख शहरों के बीच ट्रैवल टाइम घटेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केवल 90 मिनट में बेंगलुरु से मैसूर पहुंचा जा सकेगा।

बाइक और ऑटो सवार लोग नहीं करेंगे यात्रा
हालांकि, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार इस एक्सप्रेसवे की मदद से केवल 75 मिनट में बेंगलुरू से मैसूर की यात्रा पूरी हो जाएगी। एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो व अन्य धीमी गति वाले वाहनों को चलने की अनुमति नहीं होगी।

पर्यटन के विकास पर फोकस
गडकरी ने एक अन्य ट्वीट में बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य श्रीरंगपटना, कूर्ग, ऊटी और केरल जैसे क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार करना है, जिससे उनकी पर्यटन क्षमता को बढ़ावा मिले।
एक्सप्रेसवे 10 लेन का कॉरिडोर
9000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए एक्सप्रेसवे को छह लेन का बनाया गया है। साथ ही एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ दो लेन की सर्विस रोड है। इन सड़कों को गिनने पर एक्सप्रेसवे को 10 लेन वाला कॉरिडोर कहा जा सकता है। गडकरी ने अलग-अलग ट्वीट में Droneman के सौजन्य से मिली इस शानदार एक्सप्रेसवे की तस्वीरें भी शेयर की हैं।
बदलते और शक्तिशाली भारत का प्रतीक-VIDEO
अरबपति उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी इस अत्याधुनिक निर्माण के मुरीद हैं। उन्होंने ट्विटर पर ड्रोन वीडियो फुटेज शेयर कर लिखा, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे के नीचे से वंदे भारत ट्रेन गुजर रही है। वैश्विक स्तर का बुनियादी ढाँचा भारत को कैसे बदल रहा है, ये इस बात का शक्तिशाली प्रतीक है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भी एक्सप्रेसवे की इस वीडियो को शेयर किया। उन्होंने लिखा कि डबल इंजन की सरकार कर्नाटक में चमत्कारिक काम कर रही है।
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एक्सप्रेसवे पर और क्या मिलेगा?
हाई-स्पीड कॉरिडोर दो अलग-अलग चरणों में बनाया गया है। इसकी लंबाई निदघट्टा और मैसूर के बीच 61 किमी और बेंगलुरु और निदाघट्टा के बीच 58 किमी है। इस राजमार्ग पर 8 किमी लंबे ऊंचे गलियारे भी बनाए गए हैं। 42 छोटे पुल, 64 अंडरपास, 11 ओवरपास, चार रोड-ओवर-ब्रिज (आरओबी) और पांच बाईपास भी बनाए गए हैं।












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