Bengaluru-Hyderabad Bullet Train: 2 घंटे में पहुंचेगे बेंगलुरु से हैदराबाद, रेल कॉरिडोर कब तक तैयार होगा?
Bengaluru-Hyderabad High Speed Rail:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को अपने बजट में देश के कई शहरों को बुलेट ट्रेन की सौगात देने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है। जिसके बाद भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम शुरू होगा।
यह परियोजना भारतीय रेल की क्षमता और यात्रा की सुविधा में एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। सरकार का लक्ष्य है कि इन नई परियोजनाओं के माध्यम से लंबी दूरी की यात्रा को न केवल तेज़, बल्कि अधिक आरामदायक और कुशल बनाया जाए।

देश के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बन जाने के बेंगलुरु-हैदराबाद, चेन्नई-हैदराबाद और मुंबई से पुणे के लिए ये बुलेट ट्रेन शुरू हो जाएगी। जानिए इन बुलेट ट्रेनों से सफर का समय कितना हो जाएगा?
2 घंटे में पहुंचेंगे बेंगलुरु से हैदराबाद
बेंगलुरु से हैदराबाद पहुंचने में जहां अभी घंटों लगतते है वहीं बुटेट ट्रेन शुरू होने जाने के बाद महज 2 घंटे में बेंगलुरू से हैदराबाद यात्री पहुंच जाएंगे। बेंगलुरु-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बनने से यह यात्रा दिल्ली-जयपुर या मुंबई-पुणे जितनी सुविधाजनक हो जाएगी, जिसमें गति और कम समय मुख्य आकर्षण होंगे।
अन्य शहरों के लिए भी शुरू होगी बुलेट ट्रेन,जानें कितना लगेगा समय?
- चेन्नई-हैदराबाद के लिए लगभग 2 घंटे 55 मिनट में सफर होगा पूरा
- पुणे-हैदराबाद के लिए लगभग 1 घंटा 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
- मुंबई-पुणे की यात्रा केवल 48 मिनट में पूरी हो जाएगी,
- चेन्नई-बेंगलुरु के बीच सफर का समय 1 घंटा 13 मिनट होगा।
- दिल्ली और वाराणसी के बीच यात्रा समय लगभग 3 घंटे 50 मिनट होगा
- वाराणसी से सिलीगुड़ी की दूरी भी केवल 2 घंटे 55 मिनट में पूरी होगी।
बुलेट ट्रेन चलने से क्या होगा लाभ?
हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। कारोबारियों, छात्रों और पर्यटकों के लिए समय की बचत सीधे आर्थिक लाभ में तब्दील होगी। इसके अलावा, इन प्रोजेक्ट्स से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निर्माण व तकनीकी क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सृजन होगा।
हाई-स्पीड कॉरिडोर पर ट्रेन की क्या होगी स्पीड
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर ट्रेनें 350 किलोमीटर प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड और 320 किलोमीटर प्रति घंटा की ऑपरेटिंग स्पीड से चलने की योजना है। यह प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) मार्च 2026 तक तैयार होकर रेलवे बोर्ड और फिर केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।
कब शुरू होगा रेल कॉरिडोर का काम?
626 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड होगा। इसके लिए अंतिम सर्वे और एलाइनमेंट का काम राइट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। डीपीआर तैयार हो जाने के बाद इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स के पास भेजा जाएगा।
हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का काम कब होगा पूरा, कितना आएगा खर्च?
4 हजार किलोमीटर लंबे ये सात हाई-स्पीड कॉरिडोर को बनाने में 16 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके बन जाने से 40 से 50 शहर इस हाईस्पीड नेटवर्क से जुड़ेगे। ये प्रोजेक्ट 2040 तक पूरा होंगे। सभी पर एक साथ में काम शुरू होगा।
सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की क्या होगी खासियत
नई हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और देश की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को अधिक सतत बनाया जा सकेगा। आधुनिक ट्रेनें उच्च गति के बावजूद सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेंगी।
भारत का यह हाई-स्पीड रेल नेटवर्क न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि देश को वैश्विक स्तर पर तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा। यह परियोजना भारतीय रेल के इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाली है।












Click it and Unblock the Notifications