#WorldWaterDay: 'डे जीरो' की ओर बढ़ रहे विश्व के 200 शहर, लिस्ट में भारत का बेंगलुरु शहर भी
नई दिल्ली। आज विश्व जल दिवस है, इस दिन को मनाने के पीछे उद्देश्य जल संरक्षण के महत्व पर ध्यान केंद्रित करना है। ब्राजील ने वर्ष 1992 में पर्यावरण और विकास के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में विश्व जल दिवस मनाने की पहल की थी, जिसके बाद वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र ने 22 मार्च को 'विश्व जल दिवस' घोषित कर दिया।

Day Zero की लिस्ट में भारत का बेंगलुरु शहर
पृथ्वी से पानी कम हो रहा है और 'जल ही जीवन' है, जिस दिन ये खत्म हो गया, जीवन भी खत्म हो जाएगा। इसी बारे में सेंटर फॉर साइंस ऐंड इन्वाइरनमेंट (सीएसई) द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'डाउन-टु-अर्थ' में एक रिपोर्ट छपी है , जिसमें कई चौंकाने वाली बात सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 200 शहर पानी किल्लत से जूझ रहे हैं, इन 10 शहरों में इंडिया का आईटी हब बेंगलुरु शहर भी है, जो की 'डे जीरो' की ओर बढ़ रहा है, हालांकि ऐसा ना हो, इसके लिए प्रयास जारी है।

बेंगलुरु में 'डे जीरो' को रोकने की कोशिश
रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीकी शहर केपटाउन की तरह ही बेंगलुरु शहर में भी तेजी से जलस्तर घट रहा है। कुछ ही सालों या फिर कुछ ही महीनों में यहां पानी की भयंकर समस्या पैदा हो सकती है। हाल ही में यहां 'डे जीरो' को रोकने की कोशिश होगी, जिसके तहत शहर के सभी वॉटर टैप (टोंटियों) को बंद करके पानी बचाया जाएगा।

क्या होता है 'डे जीरो'
'डे जीरो' का मतलब है- वह दिन जब नल से जल आना बंद हो जाएगा और पीने के लिए लोग पानी की एक-एक बूंद को तरसेंगे। बेंगलुरु और च्नेनई दोनों ही शहरों में पानी की समस्या है, दोनों ही जगह तेजी से पानी का जलस्चर घटा है, जो कि खतरे की घंटी है।

इसके पीछे का कारण क्या है
दरअसल बेंगलुरु शहर में ग्राउंड वॉटर को रीचार्ज करने का काम नहीं हो रहा है, जिसकी वजह से यहां अस्सी प्रतिशत पानी वेस्ट होता है, इस कारण पानी की समस्या से जूझ रहा है शहर।

रिपोर्ट में ये शहर भी-यहां भी है पानी की किल्लत
- पेइचिंग (चीन),
- मेक्सिको सिटी (मेक्सिको)
- सना (यमन)
- नैरोबी (केन्या)
- इस्तांबुल (टर्की)
- साउ पाउलो (ब्राजील)
- कराची (पाकिस्तान)
- काबुल (अफगानिस्तान)
- बुएनस आइरस (आर्जेन्टीना)।












Click it and Unblock the Notifications