Bengal Repolling: 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग जारी, सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा, कोलकाता में धारा 163 लागू
Bengal Election Repolling: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग के बाद अब चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद शुक्रवार 2 मई को 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है।
चुनाव आयोग के मुताबिक पुनर्मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। सबसे ज्यादा 11 बूथ मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में हैं, जबकि डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथों पर फिर से वोटिंग कराई जा रही है।

Magrahat Paschim Repoll list: कहां और कब हो रहा है पुनर्मतदान? हाई प्रोफाइल सीटों पर बढ़ी सियासी गर्मी
आज सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान की प्रक्रिया जारी रहेगी। पुनर्मतदान मुख्य रूप से दो विधानसभा क्षेत्रों में हो रहा है। चुनाव आयोग ने शिकायतों की जांच के बाद दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया। मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथों पर डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथ पर दोबारा मतदान हो रहा है।
दक्षिण 24 परगना का डायमंड हार्बर क्षेत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। यह सीट TMC नेता अभिषेक बनर्जी का प्रभाव क्षेत्र मानी जाती है। ऐसे में यहां EVM छेड़छाड़ के आरोपों ने राजनीतिक माहौल और गर्म कर दिया है। दूसरी ओर BJP लगातार चुनाव में धांधली और बूथ कब्जाने के आरोप लगाती रही है, जबकि TMC इन आरोपों को राजनीतिक प्रचार बता रही है।
कोलकाता में 'लॉकडाउन' जैसी स्थिति, धारा 163 लागू
पुनर्मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और वेबकास्टिंग और CCTV मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है।
EVM की सुरक्षा को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा (BJP) के बीच हुई झड़पों के बाद कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने सख्त आदेश जारी किए हैं।
200 मीटर का दायरा सील: शहर के सभी 7 ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में 144) लागू कर दी गई है।
आम लोगों की नो-एंट्री: स्ट्रॉन्गरूम की ओर जाने वाली सभी सड़कों, विशेषकर लॉर्ड सिन्हा रोड को आम नागरिकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
सख्त प्रोटोकॉल: केवल चुनाव आयोग द्वारा जारी क्यूआर कोड वाले आईडी कार्ड धारकों को ही प्रवेश की अनुमति है। यह पाबंदी 4 मई को मतगणना खत्म होने तक जारी रहेगी।
700 केंद्रीय बलों का सुरक्षा का 'थ्री-लेयर' कवच
चुनाव आयोग ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य भर में शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की 700 कंपनियां तैनात की गई हैं। सभी मतगणना केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। चुनाव आयोग ने किसी भी गड़बड़ी की शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-345-0008 और ईमेल [email protected] जारी किया है। आयोग ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
रिपोलिंग का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि री-पोलिंग का असर स्थानीय चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है, खासकर उन सीटों पर जहां मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दोबारा मतदान के बाद क्या चुनावी विवाद थमेगा या बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा होगा।
गौरतलब है कि, बंगाल के पहले दो चरणों में 90% से अधिक रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है, लेकिन हिंसा और धांधली की इन शिकायतों ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। वोटों की गिनती 4 मई को होनी तय है।












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