'एक भी नाम हटाया तो', ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले BJP और EC को दिया अल्टीमेटम
सीएम ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनाव (2026) से पहले नदिया जिले के कृष्णानगर में एक विशाल रैली को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान चुनाव आयोग और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनावी सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और आयोग की मंशा पर सवाल उठाए हैं और चेतावनी दी है कि यदि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया गया, तो वह धरने पर बैठ जाएंगी।
चुनाव आयोग पर पक्षपात का गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया की निगरानी के लिए निष्पक्ष पर्यवेक्षकों के बजाय 'बीजेपी समर्थक अधिकारियों' को दिल्ली से बंगाल भेज रहा है। उनका कहना है कि यह कदम भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा, 'वे वोटों के इतने भूखे हैं कि चुनाव से सिर्फ़ दो महीने पहले SIR करवा रहे हैं,' जो 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा लगता है।

वोटर लिस्ट से नाम कटने पर 'धरने' की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बंगाल में डिटेंशन कैंप जैसी कोई भी व्यवस्था लागू नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, 'अगर एक भी योग्य वोटर का नाम लिस्ट से हटाया गया, तो मैं खुद धरने पर बैठ जाऊंगी।' उनका मानना है कि SIR का इस्तेमाल एक राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है ताकि विशेष समुदाय या वर्ग के लोगों को मताधिकार से वंचित किया जा सके।
अमित शाह पर निजी हमला: 'दुर्योधन' और 'दुशासन' से तुलना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने उन्हें 'खतरनाक' बताया। उन्होंने रैली में कहा, 'देश के गृह मंत्री खतरनाक हैं। आप उनकी आंखों में देख सकते हैं - यह डरावना है। एक आंख में आपको 'दुर्योधन' दिखाई देता है, और दूसरी में 'दुशासन'।' उन्होंने आरोप लगाया कि शाह सभी बंगालियों को बांग्लादेशी घोषित कर उन्हें डिटेंशन कैंप भेजने की साजिश रच रहे हैं।
नागरिकता साबित करने से इनकार
नागरिकता और जनगणना के मुद्दे पर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए, ममता बनर्जी ने खुलासा किया कि उन्होंने अभी तक अपना जनगणना फॉर्म नहीं भरा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, 'क्या मुझे दंगा करने वालों की पार्टी को अपनी नागरिकता साबित करने की जरूरत है?' यह बयान उनकी पार्टी (TMC) के उस पुराने रुख के अनुरूप है, जिसमें वे लगातार केंद्र की नागरिकता संशोधन नीतियों का विरोध करती रही हैं।
चुनाव आयोग द्वारा SIR की समय-सीमा में बदलाव
इसी बीच, एक संबंधित घटनाक्रम में भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR के लिए समय-सीमा को संशोधित किया है।
- नई तारीख: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 14 फरवरी, 2026 को होगा।
- आयोग का तर्क: ECI ने बुधवार को जारी आदेश में कहा कि यह विस्तार बड़े पैमाने पर जनगणना कार्य और मतदान केंद्रों के उचित सत्यापन (Rationalization) को सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है।












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