Bengal Election 2026: TMC का नारा ‘जोतोई कोरो हमला, आबार जीतबे बांग्ला', BJP के खिलाफ दीदी का इमोशनल दांव
Bengal Election 2026 TMC Slogan: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी और बीजेपी दोनों मैदान में पूरा जोर लगाती नजर आ रही हैं। अब इस चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस ने नया चुनावी नारा भी गढ़ दिया है। भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपनी सियासी रणनीति को धार देते हुए यह नारा गढ़ा गया है। अब देखना है कि दीदी के इस नारे की काट में बीजेपी क्या लाती है। टीएमसी का नारा सीधे तौर पर बीजेपी के लिए चुनौती माना जा रहा है।
बंगाल चुनाव के लिए टीएमसी ने इस बार नया चुनावी नारा दिया है, 'जोतोई कोरो हमला, आबार जीतबे बांग्ला'। पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपना नारा शेयर किया है जिसका अर्थ है कि जितने भी हमले कर लो, बंगाल फिर जीतेगा। सीधे तौर पर यह नारा केंद्र सरकार और बीजेपी को चुनौती है। इसे भाजपा की राजनीति के खिलाफ जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

Bengal Election 2026 TMC Slogan: टीएमसी के नारे में छिपे हैं 3 संकेत
- तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह नारा केवल एक चुनावी पंक्ति नहीं, बल्कि बंगाल की अस्मिता, स्वाभिमान और अस्तित्व की आवाज है।
- पार्टी नेतृत्व का दावा है कि केंद्र सरकार की कथित दमनकारी नीतियों, एजेंसियों के दुरुपयोग और राज्य के साथ भेदभाव के खिलाफ यह अभियान जनता को एकजुट करेगा।
- ममता बनर्जी ने स्पष्ट तौर पर केंद्र की बीजेपी सरकार को चुनौती देते हुए अपने चुनावी नारे को बंगाल के लोगों के स्वाभिमान और आत्मसम्मान से जोड़ा है। साथ ही, यहां बीजेपी को बंगाल पर चोट करनेवाला करार दिया गया है।
TMC Slogan के पीछे अभिषेक बनर्जी की सोच
सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि नए चुनावी नारे को तैयार करने के पीछे टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की सोच है। स्लोगन लॉन्च में भी ममता बनर्जी के साथ अभिषेक की तस्वीरों को खास जगह दी गई है। इसके साथ दीदी ने कार्यकर्ताओं को भी संदेश दे दिया है कि अभिषेक बनर्जी युवा नेतृत्व और संगठन की जिम्मेदारी निभाएंगे। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, यह अभियान भाजपा के नारे 'बांग्ला बाचाओ, भाजपा चाओ' के जवाब के तौर पर तैयार किया गया है।
Mamata Banerjee ने फिर भावनाओं को बनाया आधार
टीएमसी के चुनावी नारों में अब तक बंगाल की अस्मिता और भावना के सम्मान का पुट रहा है। 2012 में टीएमसी ने 'मां-माटी और मानुष' का नारा दिया था। यह बंगाल के सम्मान और संस्कृति से जुड़ा था। पिछले चुनाव में उन्होंने बीजेपी के 'परिवर्तन' के जवाब में 'खेला होबे' का नारा दिया था। इस बार उन्होंने फिर आबार जीतबे बांग्ला के साथ एक भावनात्मक अपील की कोशिश की है। पार्टी नेताओं का मानना है कि 2026 के चुनाव में यह नारा जमीनी स्तर पर भाजपा के खिलाफ मजबूत नैरेटिव तैयार करेगा। सोशल मीडिया से लेकर रैलियों और पोस्टरों तक इस नारे को व्यापक रूप से प्रचारित करने की तैयारी की जा रही है।












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