Bengal Chunav Yuva Sathi Scheme: बंगाल में 'युवा साथी' योजना के लिए आवेदन शुरू, BJP ने बताया चुनावी चाल
Bengal Chunav Yuva Sathi Scheme: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नई 'युवा साथी' योजना रविवार से लागू होने जा रही है। बंगाल चुनाव से पहले इस डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजना पर सियासी संग्राम भी शुरू हो गया है। बीजेपी ने इसे चुनावी जुमला करार देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अपना मन बना चुकी है। अब इन झांसों में नहीं आएगी।
विधानसभा चुनाव इसी साल अप्रैल-मई के महीने में प्रस्तावित हैं। इससे ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक के बाद एक कई बड़ी योजनाओं का ऐलान कर रही हैं। इसमें किसानों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक के लिए कैश ट्रांसफर स्कीम भी शामिल है।

Yuva Sathi Scheme के तहत बेरोजगारों को मदद
- इस योजना के तहत राज्य के 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को हर महीने 1500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा।
- लाभार्थी के लिए कम से कम 10वीं कक्षा पास करना अनिवार्य है और फिलहाल बेरोजगार होने की स्थिति में ही यह लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद करना है।
Yuva Sathi Scheme: बीजेपी ने योजना को बताया चुनावी छलावा
हालांकि, योजना की घोषणा के साथ ही राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस योजना को चुनाव से पहले किया गया वादा बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 2.15 करोड़ लोग बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है। इसके बजाय ऐसी योजनाओं का ऐलान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केवल भत्ता देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि युवाओं को दीर्घकालिक और स्थायी नौकरियां उपलब्ध कराना जरूरी है। सुवेंदु अधिकारी ने वर्ष 2013 में शुरू की गई 'युवाश्री' योजना का भी जिक्र किया और दावा किया कि वह योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई थी। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी ठोस नीतियां लागू करे, ताकि बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
Bengal Chunav में दिख सकता है इसका असर
फिलहाल, 'युवा साथी' योजना को लेकर राज्य में सियासी बहस जारी है। एक ओर सरकार इसे युवाओं के लिए राहत भरा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अस्थायी उपाय करार दे रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह योजना युवाओं को कितना वास्तविक लाभ पहुंचा पाती है। बंगाल चुनाव में भी इस स्कीम का असर दिख सकता है। कई राज्यों में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाओं ने चुनावी नतीजों पर असर डाला है।












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