बीफ पर हंगामा: नेताओं को संभाल लेंगे अमित शाह पर उनके चेलों को?
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने बीफ पर विवादित बयान देने वाले नेता साक्षी महाराज, मनोहर लाल खट्टर, महेश शर्मा और विधायक संगीत सोम को तलब किया। उन्होंने सभी को सख्त चेतावनी दी कि किसी ने भी अगर विवादास्पद बयान दिया, तो उसकी खैर नहीं। अब सवाल यह उठता है कि बड़े नेताओं को तो अमित शाह संभाल लेंगे, लेकिन उनके चेलों का क्या, जो स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक आंग भड़काने का काम करते हैं।

जी हां हम बात कर रहे हैं भाजपा और भाजपा समर्थित संगठन- बजरंग दल, शिव सेना और विहिप आदि के कार्यकर्ताओं की, जिनकी दबंगई केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से बढ़ गई है।
बेंगलुरु से लेकर मेंगलुरु तक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ना मतलब आफत मोल लेना है। वहीं यूपी-बिहार में भी हिंदूवादी संगठनों के छुठभइये नेताओं का दबदबा जारी है।
क्यों गुस्सा हुए अमित शाह?
दादरी घटना और गोमांस विवाद पर अपने नेताओं के विवादास्पद बयानों के कारण मोदी सरकार आलोचनाओं से घिर गई। हाल ही में प्रधानमंत्री ने भी नाराजगी व्यक्त की। ऐसे में पार्टी ने नेताओं की लगाम कसने के लिये आज एक मीटिंग बुलाई और सभी को सख्त हिदायद दी कि वे अनायास बयानबाजी न करें।
शाह ने नेताओं से कहा कि दादरी में बीफ खाने और रखने की अफवाह की वजह से हुई हत्या यूपी की सपा सरकार की विफलता है। ऐसे में अगर भाजपा के नेता विवादित बयान देंगे तो लोगों का सपा सरकार की विफलता पर से ध्यान हटेगा और बिना मतलब भाजपा बदनाम होगी। इसलिये बेहतर होगा कि कोई भी बीफ पर कोई बयान नहीं दे।












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