जामिया प्रदर्शन कवर करने गई महिला पत्रकार का आरोप, पुलिस ने पीटा, बाल खींचा, फोन छीन लिया
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ रविवार को प्रदर्शन काफी उग्र हो गया। हालात ये हो गए कि शाम को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी पूरे विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया। दिल्ली पुलिस ने जामिया के भीतर घुसकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस की इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। इस कार्रवाई में ना सिर्फ छात्र बल्कि पत्रकारों को भी बदसलूकी का सामना करना पड़ा। जामिया मिलिया में हो रहे प्रदर्शन को कवर करने गई बीबीसी की महिला पत्रकार को भी यहां पुलिस की बदसलूकी का शिकार होना पड़ा।

बीबीसी की महिला पत्रकार बुशरा शेख ने बताया कि मैं यहां बीबीसी के लिए कवरेज करने आई थी, पुलिस ने मेरा फोन छीन लिया और इसे तोड़ दिया। यही नहीं एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मेरा बाल खींचा और मेरे साथ मारपीट की। इन लोगों ने मुझे लाठी से मारा। जब मैंने इन लोगों से अपना फोन मांगा तो इन लोगों ने मुझे गालियां देनी शुरू कर दी। बुशरा शेख ने बताया कि मैं वहां मनोरंजन के लिए नहीं गई थी, मैं वहां पर कवरेज के लिए गई थी, लेकिन मेरे साथ पुलिस ने मारपीट की और मोबाइल फोन छीन लिया।
बता दें कि दिल्ली में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन रविवार को काफी उग्र हो गया था। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने आंसू गैग के गोले दागे और उनपर लाठीचार्ज किया। लेकिन जामिया के छात्रों ने खुद को इस हिंसक प्रदर्शन से अलग कर लिया था। बता दें कि कई बसों और गाड़ियों को भी प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया था। वहीं जामिया प्रशासन का कहना है कि दिल्ली पुलिस बिना इजाजत लिए कैंपस के भीतर जमबरन घुसी और छात्रों व स्टाफ के साथ मारपीट की।












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