Baramati AI Centre: बरामती में AI सेंटर का उद्घाटन,अडानी का युवाओं को संदेश- इंटेलिजेंस के बिल्डर बनें
Baramati AI Centre Inaugurated: भारत अपने तकनीकी विकास के एक निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न केवल आर्थिक विकास, बल्कि राष्ट्रीय क्षमता और भविष्य के रोजगार की दिशा तय करेगा।
यह बात अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने महाराष्ट्र के बरामती में विद्या प्रतिष्ठान शरद पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI CoE) के उद्घाटन के अवसर पर कही।

उन्होंने छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे नई तकनीक के केवल उपभोक्ता न बनें, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप इंटेलिजेंस सिस्टम के निर्माता और नेतृत्वकर्ता बनें।
AI की अगली बड़ी छलांग
गौतम अडानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानव इतिहास की अगली बड़ी क्रांति बताते हुए कहा कि इसका प्रभाव औद्योगिक और डिजिटल क्रांति से भी अधिक समावेशी हो सकता है। उन्होंने कहा कि हर बड़ी तकनीकी छलांग के साथ शुरुआत में डर और अनिश्चितता रहती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि नवाचार ने हमेशा अवसरों का विस्तार किया है। मशीनीकरण, बिजली, कंप्यूटर और इंटरनेट की तरह AI भी नई संभावनाएं, रोजगार और उत्पादकता बढ़ाएगा।
किसान से लेकर स्टार्टअप तक बदलेगा परिदृश्य
अडानी ने कहा कि AI की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह बुद्धिमत्ता और उत्पादकता को सीधे आम नागरिकों के हाथ में पहुंचा देगा। किसान फसल और मौसम से जुड़े डेटा का बेहतर विश्लेषण कर सकेंगे, छोटे उद्यमी जोखिम प्रबंधन और बिजनेस विस्तार कर पाएंगे, जबकि छात्र और गृहणियां भी वैश्विक अवसरों तक पहुंच बना सकेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में किसी की सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा और अनुकूलन क्षमता सफलता का पैमाना होगी।
आधार, UPI के बाद AI बनेगा नई आधारशिला
भारत के डिजिटल सफर का जिक्र करते हुए गौतम अडानी ने आधार, जनधन, UPI और मोबाइल कनेक्टिविटी को उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इन पहलों ने पहचान, वित्त और बाजार तक पहुंच को पूरी तरह बदल दिया। अब AI अगली फाउंडेशनल लेयर बनेगा, जो तेज निर्णय लेने, उच्च उत्पादकता और नए उद्यमों को जन्म देगा।
अपने भाषण में अडानी ने भारत के लिए स्वदेशी AI क्षमताएं विकसित करने की जरूरत पर खास जोर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर AI जैसे रणनीतिक क्षेत्र में विदेशी एल्गोरिदम और प्लेटफॉर्म पर निर्भरता बढ़ी, तो यह दीर्घकालिक जोखिम बन सकती है। उनका कहना था कि डेटा, कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और कोर AI मॉडल भारत में बने, भारत के लिए हों और भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप हों।
शरद पवार AI सेंटर: अकादमिक और उद्योग के बीच सेतु
विद्या प्रतिष्ठान के तहत स्थापित शरद पवार AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को वर्ष 2023 में ₹25 करोड़ के योगदान से विकसित किया गया है। यह सेंटर कृषि, स्वास्थ्य, गवर्नेंस और उद्योग जैसे अहम क्षेत्रों में AI के व्यावहारिक उपयोग पर काम करेगा। इसका उद्देश्य अकादमिक जगत, निजी क्षेत्र और राष्ट्रीय जरूरतों के बीच मजबूत तालमेल बनाना है।
अपने संबोधन के अंत में गौतम अडानी ने युवाओं से समर्थ्य अपनाने की अपील की-यानी स्वतंत्र सोच, साहसिक नवाचार और राष्ट्र निर्माण की क्षमता। उन्होंने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का युग उन्हीं का है, जो लगातार सीखने और उद्देश्य के साथ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। यह समय केवल इतिहास देखने का नहीं, बल्कि उसे लिखने का है।












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