232 बैंकों के मोबाइल ऐप में वायरस का खतरा, ग्राहकों को जारी हुई चेतावनी
नई दिल्ली। कई बैंको ने अपने ग्राहकों को एक मालवेयर (एक तरह का वायरस) को लेकर चेतावनी जारी की है। बैंकों ने बताया कि ये मालवेयर ग्राहकों के बैंकिंग डाटा को चोरी कर सकता है। बैंकों ने यह चेतावनी क्विक हील सिक्योरिटी लैब द्वारा एक वायरस की पहचान होने के बाद की है। इस मालवेयर की पहचान Android.banker.A2f8a के तौर पर हुई है। बताया गया है कि इस मालवेयर के निशाने पर दुनिया भर के करीब 232 बैंक हैं जिनमें कुछ भारतीय बैंक भी शामिल हैं।

नकली वेबसाइट की तरह काम करता है ये मालवेयर
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह मालवेयर एक तरह की नकली वेबसाइट की तरह काम करता है। एसआईएसए इन्फार्मेशन सिक्योरिटी के नितिन भटनागर ने बताया कि यह मालवेयर ग्राहकों को एक फर्जी नोटिफेकिशेन भेजता है। ग्राहकों को लगता है कि ये बैंक भी तरफ से आया और वे उसे खोलकरलॉगइन कर लेते हैं। लॉगइन करते ही यह मालवेयर ग्राहकों की सारी गोपनीय जानकारी को चोरी कर लेता है। यहां तक कि ये मालवेर ग्राहकों के मोबाइल में आने वाले ओटीपी मैसेज को भी पढ़ सकता है।

आईडीबीआई बैंक ने जारी की चेतावनी
भारतीय बैंक, आईडीबीआई ने इस संबंध में अपने ग्राहकों को चेतावानी जारी करते हुए कहा है कि वे अपने मोबाइल बैंकिग ऐप को खोलते समय खासा सावधानी बरतें। इसके साथ ही ने अपने ग्राहकों को 'जेलब्रोकन' और 'रूटेड' मोबाइलको इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। बता दें कि इस तरह के मोबाइल में ऐप को आधिकारिक ऐप स्टोर के बिना भी डाउनलोड किया जा सकता है।

बचने का कोई निश्चित तरीका नहीं
नितिन भटनागर ने बताया कि इस तरह की मोबाइल ऐप में मालवेयर से आने वाली गड़बड़ी से बचने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन सोर्स कोडिंग से जरूर इससे काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। यदि कोई बैंक थर्ड पार्टी वेंडर से ऐप खरीदता है तो उसे सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका वेंडर उसे सभी रिपोर्ट मुहैया कराए जिससे पता चल सके कि वेंडर ने सभी नियमों का पालन किया है या नहीं।












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