बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी की कोरोना जांच रिपोर्ट आई निगेटिव, 15 मई को खुलेंगे कपाट
नई दिल्ली: पिछले साल चारधाम यात्रियों की संख्या ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। सरकार और व्यापारियों को इस बार भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद थी, लेकिन कोरोना महामारी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट तो खुल गए, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख को आगे बढ़ाना पड़ा। अब बद्री विशाल के कपाट 15 मई को खोले जाएंगे। जिसके लिए बद्रीनाथ धाम के रावल (मुख्य पुजारी) जोशीमठ पहुंच गए हैं।

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक बद्रीनाथ दाम के मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नम्बोदरी 15 दिन पहले ऋषिकेश पहुंच थे। इसके बाद उनकी, उनके ड्राइवर और दो शिष्यों की एम्स में जांच करवाई गई। जिनकी अब तक दो रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऋषिकेश स्थित आश्रम में उन्होंने क्वारंटाइन पीरियड भी पूरा कर लिया है। जिसके बाद शनिवार को वो अपने शिष्यों के साथ जोशीमठ पहुंचे। यहां से वे 13 मई को धाम के लिए रवाना होंगे और 15 मई सुबह 4.30 बजे विधि-विधान के साथ कपाट को खोला जाएगा। कोरोना महामारी को देखते हुए धाम में भक्तों की एंट्री नहीं हो सकेगी। सिर्फ 27 लोग ही इस खास मौके पर मौजूद रहेंगे।
29 अप्रैल को खुलने थे कपाट
पूरे देश में कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। बद्रीनाथ के पुजारी केरल से होते हैं। ऐसे में लॉकडाउन की वजह से वे वहीं फंस गए थे। जिसके बाद त्रिवेंद्र सरकार के आग्रह पर केरल सरकार ने उन्हें उत्तराखंड आने की इजाजत दी। बद्रीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को खुलने थे, लेकिन मुख्य पुजारी को क्वारंटाइन कर दिया गया था। ऐसे में टिहरी राजघराने ने कपाट खोलने की तारीख 15 मई कर दी है, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को ही खुल गई थे।












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