आम के 'शौकीनों' के लिए बुरी खबर! इस साल करना पड़ सकता है लंबा इंतजार, जानिए वजह

करोड़ों भारतीय आम के मौसम का मई से लेकर जुलाई तक बेसब्री से इंतजार करते हैं। लेकिन इस साल लोगों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।

Bad news for mango lovers This year may have to wait a long time know the reason

अगर आप आम के शौकीन हैं तो आपको इस साल रसीले आमों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। इस साल दशहरी आमों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। यूपी के मलिहाबाद में मौसम ने आम के बागों को काफी नुकसान पहुंचाया है।

इस साल मार्च और अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश और गोल्फ-बॉल के आकार के ओलों ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल आम की फसल पिछले साल की तुलना में आधी रह गई है।

दुनिया में आम के सबसे बड़े उत्पादक भारत और राज्यों में शीर्ष उत्पादक उत्तर प्रदेश में आम के बागवान बुरे मौसम के प्रभावों से जूझ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इस संकट के पीछे की वजह क्लाइमेट चेंज को मान रहे हैं।

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करोड़ों भारतीय आम के मौसम का मई से लेकर जुलाई तक बेसब्री से इंतजार करते हैं। भारत में आम का स्वाद लेने के लिए 1400 किस्में हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि खराब मौसम के बावजूद देश का आम उत्पादन 2022-23 में 21 मिलियन टन पर स्थिर था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुछ राज्यों में बेहतर पैदावार सबसे गर्म मार्च के महीने के कारण भी प्रभावित नहीं हुई।

मलिहाबाद के एक किसान का कहना है कि, इस साल वसंत में, बारिश और ओलों ने मधुमक्खियों को भगा दिया। जो परागण के लिए आवश्यक हैं। जिससे आम का उत्पादन घट गया है। उन्होंने कहा, "पिछले साल मेरा घाटा लगभग ₹ 4 लाख था। उन्होंने कहा कि वह इस साल कम फसल के कारण अपना खर्च भी नहीं निकाल पाएंगे।

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बागवानी एक्सपर्ट के कहना है कि, शुरुआती गर्मी और बेमौसम बारिश के प्रभाव उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण में भी अलग-अलग और दिखाई दे रहे हैं। इसका असर आम की फसल पर हुआ है। आईएमडी की एक रिपोर्टस के मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग के कारण पिछले 30 वर्षों में देश में गर्मी की लहरों की आवृत्ति और अवधि में लगभग 2.5 दिन की वृद्धि हुई है। वहीं फरवरी- मार्च के महीने में भी इसका असर दिखा था।

पिछले कुछ वर्षों में गर्मी के मौसम में हुए बदलाव ने देश भर में आम की खेती को प्रभावित किया है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शीर्ष आठ आम उत्पादक राज्य हैं। उत्तर प्रदेश अपनी बेशकीमती चौसा, दशहरी और लंगड़ा किस्मों के लिए जाना जाता है।

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ऑल इंडिया मैंगो ग्रोअर्स एसोसिएशन के इंसराम अली के मुताबिक, 2022 और इस साल बेमौसम बारिश और गर्मी के कारण आम का फूल खराब हुआ है। वे कहते हैं कि 2022 में राज्य में आम का उत्पादन 1.4 मिलियन टन तक गिर गया है। ऐसी ही स्थिति यूपी के पड़ोसी राज्य बिहार की भी है। वहीं पर भी गर्म मौसम ने फसलों को बर्वाद कर दिया है।

वहीं आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मौसम में बदलाव के चलते अब 20% बागों में जल्दी फूलने लगते हैं, जिससे पैदावार प्रभावित होती है। आम उष्णकटिबंधीय जलवायु का फल है। यह ठंढा मौसम बर्दाश्त नहीं कर सकता। आम के फूल आने के समय उच्च तापमान, कम या उच्च आर्द्रता वाली तेज हवाएं पैदावार को प्रभावित करती हैं। खराब मौसम और हर साल बदलते मौसम का असर आम पर बहुत तेजी से हुआ है। जिसका असर आपकी थाली पर भी देखने को मिलेगा।

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