Azam khan को सुप्रीम कोर्ट से राहत, रामपुर में 11 नवंबर के बाद चुनाव के नोटिफिकेशन के लिए ECI को निर्देश
हेट स्पीच मामले में सपा विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान को दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई गई थी। यह सजा रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने सुनाई थी। रामपुर की एमपी एमएलए विशेष अदालत ने आजम खान को 8 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया था, जिसके बाद आजम खान की विधानसभा सदस्यता भी खत्म हो गई थी। वहीं आज़म खां ने बुधवार को एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट के फैसले के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की अपील पर विचार करने का निर्देश दिया है। सत्र न्यायालय गुरुवार को याचिका पर सुनवाई करेगा।
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आजम खान को बड़ी राहत
दरअसल एमपी एमएलए विशेष अदालत द्वारा आजम खान को सुनाई गई 3 साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी खत्म हो गई थी। लेकिन आज़म खां ने बुधवार को एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट के फैसले के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल कर दी है। इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 11 नवंबर को या उसके बाद उत्तर प्रदेश की रामपुर विधानसभा सीट के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए एक गजट अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है। फैसला सपा नेता आजम खां की सजा पर रोक लगाने के आवेदन को देखते हुए सुनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वह विधायक आजम खां की अयोग्यता के मद्देनजर रामपुर सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर फिलहाल 10 नवंबर तक अधिसूचना जारी न करे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने रामपुर के सत्र न्यायालय को 10 नवंबर को सुनवाई करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से आज़म खां को थोड़ी उम्मीद और राहत मिलती नजर आ रही है।

क्या था हेट स्पीच मामला?
बता दें हेट स्पीच से जुड़ा यह मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान का है। 27 जुलाई 2019 को बीजेपी के नेता आकाश सक्सेना ने आजम खान के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि रामपुर की मिलक विधानसभा सीट पर जनता को संबोधित करते हुए आजम खान ने एक चुनावी भाषण दिया था। इस दौरान आजम खान ने सीएम योगी, पीएम मोदी और तत्कालीन डीएम को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। 3 साल बाद, 27 अक्टूबर 2022 को इसी मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनवाई के बाद आजम खान को दोषी करार दिया और सजा का एलान किया।
सजा के एलान और जमानत मिलने के बाद आजम खान ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा था कि "बेल मैंडेटरी प्रोविजन है। उस बिनाह पर बेल पर हूं, लेकिन मैं इंसाफ का कायल हो गया। हिम्मत नहीं हारा, दरवाजे बंद नहीं हुए हैं और लड़ाई जारी रहेगी। अभी कानूनी रास्ते खुले हैं और ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।"












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