Ayodhya Ram Mandir: सिर्फ 32 सेकेंड के अंदर ही रखनी होगी पीएम मोदी को पहली ईंट, जानिए क्यों
अयोध्या। पांच अगस्त को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर निर्माण की नींव रखेंगे। पीएम मोदी एक ईंट मंदिर के नींव के तौर पर रखकर इसके निर्माण कार्य का रास्ता खोल देंगे। अयोध्या में इस समारोह से दो दिन पहले से ही कई तरह के धार्मिक कार्य शुरू हो गए हैं। वहीं नींव रखने का पावन मुहूर्त बस 32 सेकेंड का है। यानी पीएम मोदी को 32 सेकेंड के अंदर मंदिर निर्माण की नींव रखनी है। इस कार्यक्रम के लिए 175 लोगों को आमंत्रित किया गया है। आपको बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य उसी दिन से शुरू हो रहा है जिस दिन जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटे हुए एक साल होने जा रहे हैं।
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पुजारियों और धार्मिक नेताओं का कहना है कि नींव रखने का पूरा कार्यक्रम मुहूर्त के मुताबिक ही होगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को यह मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकेंड से लेकर 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकेंड तक ही है। इसी दौरान पीएम मोदी को नींव रखनी होगी। सोमवार से ही अयोध्या में किसी त्योहार का माहौल है और सोमवार को 21 पुजारियों ने भगवान गणेश की आराधना की है। इसके बाद भगवान श्रीराम और माता सीता के वंशजों की प्रार्थना की गई है। कार्यक्रम के लिए 175 लोगों को आमंत्रित किया गया है जिसमें से 135 संत है।

नींव रखने के दौरान सिर्फ पांच लोग
पीएम मोदी तीन घंटे तक अयोध्या में रहेंगे। हालांकि जहां नींव रखी जाएगी वहां पर पीएम मोदी के अलावा आरएसएस मुखिया मोहन भागवत, राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के मुखिया नृत्य गोपालदास महाराज, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद यानी बस पांच लोग ही रहेंगे। सीएम योगी ने इस कार्यक्रम को एक एतिहासिक आयोजन बताया है। राम जन्मभूमि में सीएम योगी ने कई घंटे बिताए और तैयारियों का जायजा लिया है। पिछले वर्ष नौ नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक एतिहासिक फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का रास्ता खुल गया था।

रखी जाएंगी नौ शिलाएं
अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान नौ शिला के पत्थर भूमि पूजन में रखे जाएंगी। नौ शिलाओं का पूजन पीएम मोदी के हाथों होगा। ये नौ शिलाएं सन् 1989-90 के दौरान राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी हैं। एक शिला को गर्भगृह में रखा जाएगा और बाकी आठ दूसरी जगहों पर होंगी। नौ शिलाओं का प्रयोग नक्शा पास होने के बाद मंदिर निर्माण के वक्त किया जाएगा। सीएम योगी ने कहा, 'यह सिर्फ एक इतिहास की शुरुआत नहीं है बल्कि हम सभी के लिए एक भावुल पल भी है क्योंकि 500 साल के बाद राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू होगा। यह एक नए भारत की नींव भी है।'

अयोध्या का बॉर्डर सील
बाबा रामदेव अयोध्या के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनने का श्रय रामभक्तों को जाता है। राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और पूरे शहर को किले में बदल दिया गया है। अयोध्या में एसपीजी ने सुरक्षा संभाल ली है और बॉर्डर सील कर दिए गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया की वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी आयु ज्यादा होने की वजह से नहीं आ पाएंगे।
इस कार्यक्रम में नेपाल के जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास अब भूमि पूजन कार्यक्रम में नहीं आ पाएंगे। कोरोना की वजह से उन्हें बॉर्डर क्रॉस नहीं करने दिया गया।












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