अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना-योगी आदित्यनाथ ने दान में दी कितनी रकम, ट्रस्ट ने बताया
नई दिल्ली- अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समाज के हर वर्ग से दान जुटा रहा है। इसके लिए विज्ञापन भी दिए जा रहे हैं। जनवरी-फरवरी में इसके लिए राष्ट्रव्यापी बड़ा अभियान भी चलाया जाएगा। हालांकि, मंदिर निर्माण के लिए आने वाली लागत के लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है और ना ही दान कितना जुटाया जाना है, इसी का कोई टारगेट पहले से फिक्स किया गया है। आम जनता से स्वैच्छिक दान लेने के लिए 12 करोड़ 12 लाख अलग-अलग राशि के कूपन छपवाए गए हैं। इस दौरान ट्रस्ट के पास जो कुछ बड़े दान आए हैं उसका जिक्र किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना का नाम शामिल है।

शिवसेना ने एक करोड़ रुपये दिए
अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी शिवसेना ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक करोड़ रुपये दान में दिए हैं। यह जानकारी आज ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी है। उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस करके 'श्री राम मंदिर निधि समर्पण' के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए दान जुटाने का यह अभियान अगले साल 15 जनवरी से 27 फरवरी तक पूरे देश में चलाया जाएगा। इस दौरान चंपत राय ने कहा है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर (Ram temple)के लिए देशभर के हर राम भक्तों का सहयोग लिया जाएगा। इस काम के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP)के कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और महान संत और दूसरे लोग भी उनका सहयोग करेंगे।
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योगी आदित्यनाथ ने दिए 11 लाख रुपये
ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) की ओर से आधिकारिक तौर पर बताया गया कि शिवसेना (Shiv Sena) ने पार्टी की ओर से दान दिए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में रामलला के मंदिर के लिए 11 लाख रुपये का दान दिया है। चंपत राय (Champat Rai) बोले- 'शिवसेना ने एक करोड़ रुपये दिए हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram temple) के निर्माण के लिए अपनी ओर से 11 लाख रुपये दिए हैं।'

कूपन के जरिए जुटाया जाएगा दान
इससे पहले नई दिल्ली में चंपत राय ने कहा था कि ट्रस्ट मंदिर के लिए आम जनता से जनसंपर्क-अभियानों के जरिए देश में ही पैसे जुटाएगा, क्योंकि विदेशों से दान लेने के लिए उसके पास जरूरी मंजूरी नहीं है। उन्होंने ये बात भी दोहरायी है कि इस अभियान के जरिए राम मंदिर के प्रस्तावित नए मॉडल की तस्वीरें करोड़ों घरों तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि 'राम भक्तों से स्वैच्छिक दान लिया जाएगा, जिसके लिए 10 रुपये,100 रुपये और 1,000 रुपये का कूपन उपलब्ध करवाया जाएगा।' उन्होंने कहा है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट की ओर से 10 रुपये के 4 करोड़, 100 रुपये के 8 करोड़ और 1,000 रुपये के 12 लाख कूपन छपवाए हैं।

लागत का कोई अनुमान नहीं
सबसे बड़ी बात राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से यह बताई गई है कि मंदिर निर्माण के लिए फंड जुटाने का कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है और ना ही इसके निर्माण में आने वाली लागत का कोई अनुमान ही बनाया गया है। ट्रस्ट की ओर से यह जानकारी भी दी गई है कि दान जुटाने के लिए चलाए जाने वाले अभियान के दौरान रामजन्मभूमि आंदोलन के ऐतिहासिक महत्त्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिसाहिस फैसले के बाद रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ था और इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त को मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया और आधारशिला रखी।












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