अयोध्या केस: सुनवाई टलने पर VHP का बयान, 'आशंका थी मुस्लिम पक्ष सुनवाई में अड़चनें पैदा करेगा'
नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुनवाई टलने के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) की कड़ी प्रतिक्रिया आई है। विहिप की तरफ से कहा गया कि केस की सुनवाई को स्थगित करने के मुस्लिम पक्ष के प्रयास की आशंकाएं पहले ही जताई गई थीं, जो कि आज के घटनाक्रम के बाद सच साबित हो गई हैं। उनकी जो आपत्तियां हैं वे बेतुकी हैं। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष और वकील आलोक कुमार ने कहा कि सीजेआई मास्टर ऑफ रोस्टर होते हैं और उनको बेंच के गठन का अधिकार है।

विहिप ने कहा कि जस्टिस यूयू ललित को लेकर लगाए गए आरोप गलत हैं। वे कभी भी रामजन्मभूमि मामलों में पेश नहीं हुए। वे ना ही ट्रायल के दौरान और ना ही अपील के दौरान कभी पेश हुए हैं। उनके कल्याण सिंह अवमानना मामले में कोर्ट में पेश होने और अभी हो रही सुनवाई से क्या लेना-देना है। ये सारी आपत्तियां केस की सुनवाई को बाधित करने के लिए की जा रही हैं।
बता दें कि मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने बेंच में जस्टिस उदय उमेश ललित के शामिल होने पर सवाल उठाए और कहा कि जस्टिस यूयू ललित साल 1994 में अदालत की अवमानना के केस में यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह की तरफ से पेश हुए थे। ये मामला उठाए जाने के बाद जस्टिस ललित ने खुद को इस केस से अलग कर लिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी को होनी है।












Click it and Unblock the Notifications