नोटबंदी के कारण तीन दिनों से घर नहीं गए ATM में कैश डालने वाले कर्मचारी

एटीएम कर्मचारी डबल शिफ्ट में काम कर रहे हैं और कैश के साथ ही टेंट लगाकर सो रहे हैं क्योंकि देश भर के एटीएम के मुकाबले कैश लॉजिस्टिक के काम में लगे कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है।

नई दिल्ली। 500 और 1000 रूपए के नोट को बैन किए जाने से जहां एटीएम के सामने लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिल रही है, लोग गुस्सा कर रहे हैं क्योंकि कई जगहों पर एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं। यही नहीं कई जगहों पर तो गुस्साई भीड़ ने बैंकों और एटीएम में तोड़-फोड़ भी की है लेकिन क्या कभी आप लोगों ने ये सोचा कि इस समय एटीएम स्टॉफ का क्या हाल है और वो इस समय कैसे काम कर रहे हैं?

नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक एटीएम में कैश पहुंचाने वाला स्टॉफ नोटबंदी के फैसले के बाद से अपने घर ही नहीं गया है। एटीएम कर्मचारी डबल शिफ्ट में काम कर रहे हैं और कैश के साथ ही टेंट लगाकर सो रहे हैं क्योंकि देश भर के एटीएम के मुकाबले कैश पहुंचाने का काम करने वालेे कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है।

इस बारे में बात करते हुए कैश लॉजिस्टिक असोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और फिक्की की प्राइवेट सिक्यॉरिटी के को-चेयरमैन रितुराज सिन्हा ने कहा कि 40 हजार कर्मचारी 8800 कैश वैन के जरिए देश के दो लाख एटीएम तक पैसा पहुंचा रहे हैं, पहले केवल एक दिन में 35000 एटीएम में कैश भरना पड़ता था, लेकिन अब एक दिन में 70,000 एटीएम में पैसा भरना पड़ रहा है,इसलिए स्टॉफ को डबल काम करना पड़ा रहा है।

इन सबके बावजूद दिक्कत ये आ रही है कि एटीएम में अभी तक 500, 1000 और 100 के नोट निकलते थे लेकिन सरकार के फैसले के बाद अब केवल एटीएम से 100 के ही नोट निकलने हैं, जिससे एटीएम के सॉफ्टवेयर में दिक्कत आ रही है, ये भी एक बड़ा कारण है एटीएम से पैसे ना निकलने का।

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