'PM मोदी इस बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को अधिकार दिया', आतिशी का तंज
आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि दिल्ली के अधिकारियों पर फिर से नियंत्रण हासिल करने के लिए केंद्र द्वारा लाया गया अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के हाल के आदेश का उल्लंघन है।

दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पलट दिया है। इस पूरे मामले पर दिल्ली की मंत्री आतिशी मार्लेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। आतिशी ने कहा, ''सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मतलब था कि अगर दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को चुना है तो फैसला लेने की शक्ति उन्हीं के पास है। यही संविधान कहता है।''
आतिशी ने कहा, ''जमीन, कानून-व्यवस्था और पुलिस के मुद्दों को छोड़कर बाकी सभी फैसले -मेकिंग पॉवर अरविंद केजरीवाल के पास है और एलजी उनके सभी फैसलों को मानने के लिए बाध्य हैं। यह लोकतंत्र है। लेकिन केंद्र सरकार और भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती। पीएम नरेंद्र मोदी इस तथ्य को बर्दाश्त नहीं कर सकते कि सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को अधिकार दिया।''
आतिशी ने कहा, "केंद्र सरकार अध्यादेश लाई है क्योंकि उसे डर है कि अरविंद केजरीवाल सरकार को अधिकार मिल रहे हैं। भले ही दिल्ली की जनता ने 90 फीसदी सीटें अरविंद केजरीवाल को दे दी हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल दिल्ली की सरकार नहीं चलाएंगे।"
#WATCH | Delhi Minister Atishi says, "The Supreme Court order meant that if the people of Delhi elected Arvind Kejriwal, decision-making power lies with him. That is what the Constitution says. Barring the issues of land, law & order and Police, all decision-making powers are… https://t.co/AXDHP9aBtZ pic.twitter.com/wH7364o08v
— ANI (@ANI) May 20, 2023
आप नेता संजय सिंह ने भी अध्यादेश को लेकर केंद्र पर निशाना साधा और कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर साबित कर दिया है कि वह तानाशाह हैं। वह लोकतंत्र, सुप्रीम कोर्ट और संविधान में विश्वास नहीं रखते। यह अध्यादेश संविधान के खिलाफ है।"
दिल्ली सरकार को पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में अधिकारियों के स्थानांतरण और पोस्टिंग सहित सेवा मामलों में कार्यकारी शक्ति दी गई थी। शुक्रवार (19 मई) की रात केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अध्यादेश लाकर पलट दिया है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि उनके पास शक्तियां हैं और अफसरों से जुड़े सारे अधिकार एलजी के पास ही होंगे। इस मामले को लेकर आप सरकार और एलजी गवर्नर के बीच तनाव और भी बढ़ गया है।












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