लोढ़ा कमेटी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अनुराग ठाकुर को जाना चाहिए जेल
एमिकस क्यूरी ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने इस मामले में झूठ बोला है। बीसीसीआई प्रमुख अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में गलत जानकारी दी थी।
नई दिल्ली। लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करने में बीसीसीआई की ओर से ऐतराज किए जाने के मामले में अनुराग ठाकुर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी से सवाल किया था कि क्या बीसीसीआई प्रमुख ने इस मामले में झूठ बोला है? इसका जवाब अनुराग ठाकुर के खिलाफ है।

एमिकस क्यूरी ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने इस मामले में झूठ बोला है। बीसीसीआई प्रमुख अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में कहा था कि उन्होंने शशांक मनोहर से बतौर बीसीसीआई चेयरमैन राय मांगी थी। जबकि एमिकस क्यूरी ने अपने जवाब में बताया कि शशांक मनोहर इस बात से साफ मना कर चुके हैं।
अनुराग ठाकुर पर आरोप है कि वह लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करने की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे थे। शशांक मनोहर की ओर से दिए गए हलफनामे के मुताबिक, अनुराग ठाकुर ने उनसे कोई सलाह नहीं मांगी।
'आरोपों से बचना है तो मांगें माफी'
सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर से सवाल किया कि वह कोर्ट को भ्रमित क्यों कर रहे हैं। अगर वह झूठे बयान पर आरोपों से बचना चाहते हैं तो माफी मांग लें। कोर्ट ने कहा, 'आपने हर स्तर पर प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की है। 70 साल की उम्र पार होने के बाद भी हर शख्स संस्था में पद पाने की इच्छा रखता है।'
कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी कोर्ट के आदेश से असहमति की छूट देती है लेकिन इसकी प्रक्रिया में बाधा डालना सरासर गलत है। अगर आप अपने किए पर अड़े रहते हैं तो आपको जेल जाना चाहिए।












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