Assembly Elections:चुनाव आयोग की चेतावनी, Fake News फैलाई तो होगी ये कार्रवाई
Himachal Pradesh Assembly Elections 2022: चुनाव आयोग सोशल मीडिया के जरिए चुनावी माहौल खराब होने की अबकी बार जरा भी इजाजत नहीं देगा। इसके लिए आयोग ने खास टीमें बनाई हैं, जो तत्काल फेक न्यूज फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई करेंगी। इस बात की जानकारी मीडिया को खुद मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दी है। चुनाव आयोग ने आज ही हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों का ऐलान किया है। हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी। हालांकि, संभावनाओँ के विपरीत चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनावों के तारीखों का ऐलान आज नहीं किया है।

फेक न्यूज फैलाने वालों पर फौरन कार्रवाई करेगा चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ कहा है कि उसकी टीमें सोशल मीडिया को लगातार मॉनिटर करती रहेंगी। ये टीमें प्रदेश में होने वाले चुनावों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाई जाने वाली फर्जी खबरों पर नजर रखेंगी और आयोग ने जोर देकर कहा है कि जहां भी जरूरत होगी, वह ऐसे मामलों में क्रिमिनल ऐक्शन लेने से नहीं हिचकिचाएगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि आयोग ने 'चुनावों के दौरान फैलाई जाने वाली फेक न्यूज पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सोशल मीडिया टीमें बनाई हैं। सोशल मीडिया पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी और किसी भी फेक न्यूज के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।'

'मामला बिगड़ने से पहले त्वरित कार्रवाई करें...'
सीईसी राजीव कुमार ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 'सोशल मीडिया के दुरुपयोग' की बढ़ती घटनाओं के बीच खुद के मार्च, 2019 में बनाए गए एथिक्स के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी निगरानी रखने पर सहमत हैं। सोशल मीडिया के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया की निगरानी की जाएगी। उन सब (टीमों) को निर्देश दिया गया है कि मामला बिगड़ने से पहले त्वरित कार्रवाई करें....यह विस्फोटक हो जाता है। और अगर 30 मिनट गुजर गए तो जवाब देने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि नुकसान हो चुका होता है। उन सबसे कहा गया है कि बहुत ज्यादा चौकन्ना रहें और तथ्यों के साथ जवाब दें।'

'चीजें हाथ से निकलें, उससे पहले चक्र तोड़ना जरूरी'
मुख्य चुनाव आयुक्त ने जो कुछ कहा है उससे स्पष्ट है कि चुनाव आयोग फेक न्यूज को लेकर बहुत ही ज्यादा सतर्क है और किसी भी तरह की चूक होने देने के लिए तैयार नहीं है। कुमार ने कहा, 'अगर वे 15 से 20 मिनट में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई नहीं कर सकते, तब यह कहकर जवाब दें कि हमने इसे देख लिया है, हम तथ्यों का पता लगा रहे हैं और हम वापस लौटेंगे। ताकि वे उस चीज से तत्काल जुड़ जाएं और उस चक्र को तोड़ दें, इससे पहले कि वह हाथ से निकल जाए।'

उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी
फर्जी खबरें फैलाने वालों पर किस तरह की कार्रवाई हो सकती है, इस बारे में सीईसी ने कहा, 'आपराधिक कार्रवाई की संभावनाएं हैं, जो आईपीसी के तहत विभिन्न वैधानिक ढांचे से निकलती हैं और विभिन्न कानूनों के तहत हम उन कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगे, जहां भी आईपीसी या अन्य धाराओं का उल्लंघन शामिल होगा। हमने यह बात हर किसी को स्पष्ट कर दी है और हम इसे लागू करेंगे।'

सभी स्टेक होल्डर्स से सहयोग की अपेक्षा
इसके साथ ही चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों का सहयोग मांगा है, ताकि उनके समर्थक 'हेट स्पीच और फेक न्यूज में शामिल ना हों।' साथ ही साथ सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी नजर रखें और चुनावी माहौल खराब ना हो, इसे सुनिश्चित करें। चुनाव आयोग ने मीडिया के रोल पर भी जोर डाला है और कहा है कि फेक न्यूज की समस्या को नियंत्रित करने में यह भी सक्रिय भूमिका निभा सकता है। (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications