Assam Chunav 2026: PM मोदी ने 4,570 करोड़ की दी सौगात, बोले- ‘कांग्रेस झूठ की दुकान’, भाषण की 5 बड़ी बातें
Assam Assembly Election 2026 (Narendra Modi): असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज होता दिख रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (13 मार्च) को राज्य को 4,570 करोड़ रुपये से ज्यादा की बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मौसम खराब होने की वजह से वह कोकराझार नहीं पहुंच सके, लेकिन गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल होकर कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस झूठे वादों की राजनीति करती रही है। साथ ही उन्होंने असम और खासकर बोडोलैंड क्षेत्र के विकास को लेकर कई अहम बातें भी कहीं। पीएम मोदी ने तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस और नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस शामिल हैं।

इसके अलावा रेलवे व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कोकराझार जिले के बाशबारी में एक आवधिक 'ओवरहालिंग' (पीओएच) कार्यशाला की आधारशिला भी रखी गई। इस परियोजना का मकसद रेलवे के रखरखाव को मजबूत करना और परिचालन क्षमता को बेहतर बनाना है।
PM Modi Assam Visit Speech Highlights: पीएम मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें?
1. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस झूठे वायदों की दुकान है और एक झूठे वादे के साथ 4 सुपर झूठ गिफ्ट में देती है। क्योंकि उन वादों को पूरा करने का कांग्रेस का इरादा ही नहीं होता। वहीं आपके सामने भाजपा-NDA का मॉडल है। हमारी डबल इंजन सरकार ने जो भी कहा, उसको सच करने की ईमानदार कोशिश की है।"
2. प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "दशकों तक बोडोलैंड का ये क्षेत्र कांग्रेस के विश्वासघात का साक्षी रहा है। बोडोलैंड की अनेक पीढ़ियों को कांग्रेस ने झूठे सपनों में उलझाए रखा। दिल्ली में बैठी कांग्रेस की सरकारों ने सिर्फ दिखावे के लिए कागजी समझौते किए।"
3. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में बोडो शांति समझौते का जिक्र करते हुए कहा, "जब आपने देश और असम दोनों जगह से कांग्रेस को खदेड़ा और भाजपा-NDA को अवसर दिया, तो हमने ईमानदारी से प्रयास शुरू किए। कांग्रेस जहां अपनी स्वार्थी राजनीति के लिए अलग-अलग समुदायों में फूट डाल देती थी, वहां भाजपा ने स्थायी शांति के लिए काम किया। इसी सोच के साथ बोडो शांति समझौता किया गया। इस समझौते में पहली बार सभी प्रमुख संगठनों और समूहों को एक साथ लाया गया।"
4. पीएम मोदी यह भी कहा ने यह कि कभी इस इलाके में हिंसा और अस्थिरता का माहौल था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। प्रधानमंत्री के शब्दों में, "कोकराझार सहित इस पूरे क्षेत्र ने बीते दशकों में बहुत कुछ सहा था, बहुत कुछ खोया था। हमने वो मुश्किल समय देखा है, जब इन पहाड़ियों में बम-बंदूक की ही गूंज सुनाई देती थी। लेकिन आज ये तस्वीर बदल रही है। आज बोडोलैंड शांति और विकास की राह पर चल पड़ा है... आज असम शांति और विकास का नया अध्याय लिख रहा है।"
5. प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम की सांस्कृतिक विरासत को बचाने और राज्य के तेज विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, "भाजपा-NDA की डबल इंजन सरकार असम की विरासत के संरक्षण और असम के तेज विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। आज यहां इस कार्यक्रम में ही इस क्षेत्र के विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकापर्ण हुआ है। इसमें से 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होने जा रही है।"
असम माला 3.0 से 900 किमी सड़कें (Assam Mala 3.0 Project)
प्रधानमंत्री ने असम माला 3.0 योजना के भूमि पूजन में भी डिजिटल रूप से हिस्सा लिया। इस परियोजना के तहत राज्य में 900 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
इस योजना से न सिर्फ राज्य के भीतर बल्कि अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की उम्मीद है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के बीच बेहतर जुड़ाव बनेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
बोडोलैंड में फ्लाईओवर और पुल (Bodoland Development Projects)
प्रधानमंत्री ने बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद यानी बीटीसी क्षेत्र में करीब 1,100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चार फ्लाईओवर और दो पुलों के निर्माण का भूमि पूजन भी किया।
अधिकारियों के मुताबिक इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कोकराझार और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी। इसके साथ ही पर्यटन, कृषि बाजारों तक पहुंच, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण परिवहन को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
गौरतलब है कि असम में विधानसभा चुनाव अप्रैल 2026 में होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है और इसी के मद्देनजर विकास परियोजनाओं और राजनीतिक संदेशों के जरिए चुनावी माहौल को साधने की कोशिश भी तेज हो गई है।












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