छत्तीसगढ़ के सुकमा में IED ब्लास्ट में ASP शहीद, जानिए सुरक्षित इलाके में नक्सलियों ने कैसा दिया घटना को अंजाम
Sukma Naxal IED Blast: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान के बीच सुकमा ज़िले से दुखद खबर सामने आई है। सोमवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED विस्फोट में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, कोन्टा डिवीजन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आकाश राव गिरिपुंजे शहीद हो गए जबकि SDOP भानुप्रताप चंद्राकर और TI सोनल ग्वाल बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किए गए हैं। जिस इलाके को अब तक 'सबसे सुरक्षित' माना जाता था, वहीं नक्सलियों ने ऐसा घातक हमला कर दिया कि पूरे सुरक्षा तंत्र को झकझोर कर रख दिया।
कैसे हुआ हादसा?
दरअसल, कोंटा से महज 2 किलोमीटर दूर एनएच-30 पर रविवार रात नक्सलियों ने एक पोकलेन मशीन में आग लगा दी। जैसे ही घटना की सूचना मिली, एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे अपनी टीम के साथ मौके की जांच के लिए रवाना हुए। उन्होंने वाहन को हाइवे पर ही रोका और करीब 100 मीटर अंदर पैदल चलकर मौके की तलाशी लेने पहुंचे। लेकिन यह इलाका पहले से ही नक्सलियों की घात में था। जैसे ही एएसपी का पैर ज़मीन पर रखे प्रेशर IED पर पड़ा, ज़ोरदार धमाका हुआ, जिससे उनका शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। वो मौके पर ही गिर पड़े। उनके साथ मौजूद SDOP और थाना प्रभारी (TI) भी विस्फोट की चपेट में आकर घायल हो गए। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि विस्फोट वाली जगह से महज 1 किलोमीटर दूर CRPF का स्थायी कैंप स्थित है, और इस क्षेत्र को अब तक अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था।

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लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सलियों में हड़कंप
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहा ऑपरेशन ऑलआउट अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बलों की लगातार सर्चिंग, घेराबंदी और मुठभेड़ों ने नक्सलियों के भीतर हड़कंप मचा दिया है। हालिया मुठभेड़ों में दर्जनों नक्सली मारे गए हैं, वहीं कुछ को जिंदा पकड़ने में भी सुरक्षाबलों को कामयाबी मिली है। सबसे बड़ी सफलता तब मिली जब वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर चल रहा टॉप कमांडर गौतम उर्फ सुधाकर एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। इससे पहले नक्सली संगठन के महासचिव बसवराज को गरियाबंद ज़िले में मारा गया, जो संगठन के लिए एक बड़ा झटका था। वहीं, कुख्यात नक्सली चलपति दामोदर की भी हाल में एक मुठभेड़ में मौत हो गई।
इन लगातार होती कार्रवाई से बौखलाए नक्सली अब सीधे टकराव के बजाय IED लगाकर छिपकर वार करने की रणनीति अपनाने लगे हैं। सुरक्षा बलों की बढ़ती दबिश के बीच वे दहशत फैलाने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों और सड़कों पर IED बिछाकर आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।
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