बिहार चुनाव रिजल्ट आने से पहले नीतीश के दो करीबी मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी, जानें वजह
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण की 78 सीटों पर शनिवार को वोटिंग होगी। इसी बीच नीतीश सरकार के दो मंत्री अशोक चौधरी और नीरज कुमार की कुर्सी छीन गई है। संवैधानिक बाध्यता के चलते इन दोनों सदस्यों का मंत्री पद खत्म किया गया है। ये दोनों मंत्री आज से कैबिनेट का हिस्सा नहीं रहेंगे। ये दोनों बिहार विधान परिषद के सदस्य थे। दोनों की सदस्यता छह मई 2020 को खत्म हो गई थी।

एमएलसी कोटे से थे नीतीश सरकार में मंत्री
नीतीश सरकार के भवन निर्माण मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और सूचना व जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार 2014 में विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। नीरज कुमार स्नातक कोटे से सदस्य थे जबकि अशोक चौधरी विधायक कोटे से चुने गए थे। जिनका कार्यकाल 6 मई को ही पूरा हो गया था। छह महीने गुजर जाने के बाद दोनों नेता किसी भी सदन के सदस्य नहीं चुने जा सके हैं, जिसके चलते अब उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
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मई में हो गया था कार्यकाल खत्म
सरकार के मंत्रिमंडल समन्वय विभाग ने इस बारे में गुरुवार की शाम आर्टिकिल 164 (4) के तहत अधिसूचना जारी की। नीरज कुमार एक बार फिर से पटना क्षेत्र से स्नातक सीट से एनडीए प्रत्याशी के तौर चुनावी मैदान में उतरे हैं, जिसका नतीजा 12 नंवबर को आएगा। वहीं, अशोक चौधरी के एमएलसी मनोनीत होने की संभावना थी, जो आचार संहित लागू हो जाने के चलते नहीं हो सकी। उच्च सदन में 12 सीटों पर मनोनयन होना है। अब नई सरकार के गठन के बाद ही यह हो सकेगा।

विपक्ष ने बताया असंवैधानिक
इससे पहले कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद मिश्र ने एक ट्वीट कर दोनों मंत्रियों के कैबिनेट में बने रहने को असंवैधानिक बताया था और राज्यपाल से दोनों को हटाने की मांग की थी। बता दें कि नीतीश सरकार के 31 मंत्रियों में 26 विधानसभा के सदस्य हैं, जिनमें से 24 मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय एमएलसी हैं जबकि सूचना मंत्री नीरज कुमार मंत्री अशोक चौधरी के एमएलसी का कार्यकाल पूरा हो चुका है। बिहार विधानसभा के तीसरे व अंतिम चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर शनिवार को मतदान होगा।












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