कहते हुए शर्म आती है कि मेरे बच्चे विदेश में पढ़ाते हैं: उदय कोटक
नयी दिल्ली। देश के प्रख्यात बैंकर उदय कोटक दुखी है। देश की शिक्षा व्यवस्था से वो परेशान है। वो देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव चाहते हैं। दरअसल उन्हें इस बात से शर्म आती है कि उनके बच्चों को अध्ययन के लिए विदेश जाना पड़ा क्योंकि उन्हें लगा कि विदेश में वे पाठ्यक्रम बेहतर हैं।

भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन में बात करते हुए कोटक ने कहा कि देश में स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले लोग बड़ी तादाद में हैं, लेकिन वे शिक्षित नहीं हैं। आपको बता दें कि कोटक महिंद्रा बैंक के कार्यकारी चेयरमैन व प्रबंध निदेशक है। इस सम्मेलन में कोटक ने कहा कि यह कहते हुए शर्म आती है कि मेरे दोनों बच्चों ने स्नातक की पढ़ाई विदेश में की क्योंकि मुझे लगा कि उनके लिए यह बेहतर था।












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