'बाबरी विध्वंस में जो हुआ क्या वही ज्ञानवापी पर होगा?', राम मंदिर को 'ऐतिहासिक' बताने पर भड़के ओवैसी
नई दिल्ली, 03 मई। आईआईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भागवत एक बयान को भड़काऊ बताते हुए कहा कि उसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि संघ ने तो सुप्रीम कोर्ट तक का सम्मान नहीं किया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुसलमीन (AIIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बाबरी विध्वंस के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि हमें आरएसएस की पुरानी बातों को नहीं भूलना चाहिए। ओवैसी ने आगे कहा कि ज्ञानवापी पर भागवत के भड़काऊ भाषण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ओवैसी ने मोहन भागवत के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने राम मंदिर आंदोलन 'ऐतिहासिक कारणों से' आवश्यक बताया। ओवैसी ने कहा कि आरएसएस ने सुप्रीम कोर्ट का सम्मान नहीं किया और मस्जिद के विध्वंस में भाग लिया। क्या इसका मतलब यह है कि वे ज्ञानवापी पर भी कुछ ऐसा ही करेंगे?
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वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में वीडियोग्राफी के बाद हिंदू पक्षकारों की ओर से शिवलिंग मिलने के साथ तमाम दावे किए जा रहे हैं। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मामले में आपसी समझौते के माध्यम से हल निकालने की आवश्यकता है। मोहन ने भागवत गुरूवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि हम मस्जिदों में ही क्यों शिवलिंग को तलाशें? उन्होंने विवाद ना बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों के प्रति हमारी विशेष श्रद्धा थी जिसके बारे में बात की गई। अब हमें रोजाना धर्म के लेकर एक नया मामला नहीं लाना चाहिए।
मोहन भागवत ने कहा कि हमें विवाद नहीं बढ़ाना चाहिए। ज्ञानवापी के प्रति हमारी श्रद्धा है और उसके अनुसार कुछ कर रहे हैं। अयोध्या में लेकिन हर मस्जिद में शिवलिंग की तलाश क्यों की जाए? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat ) ने कहा कि ज्ञानवापी का एक इतिहास है। इसे हम बदल नहीं सकते। लेकिन हमें रोज एक मस्जिद में शिवलिंग को क्यों देखना है? झगड़ा क्यों बढ़ाना।












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