बहुत ही घटिया है केजरीवाल सरकार के विधायकों का प्रदर्शन, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के विधायकों के कामकाज का स्तर काफी गिर गया है। ये बात हम नहीं बल्कि प्रजा फाउंडेशन ने अपने एक रिपोर्ट में कहा है। आपको बता दें कि प्रजा फाउंडेशन हर साल सरकारों के कामकाज की परफॅर्मेंस रिपोर्ट पेश करती है। मंगलवार को फाउंडेंशन की तरफ से दिल्ली सरकार द्वारा साल 2016 के भीतर किए गए प्रदर्शन की विस्तृत रिपोर्ट पेश किया गया। प्रजा फाउंडेशन ने जब पिछले साल दिल्ली सरकार के कामकाज पर रिपोर्ट दी थी तब भी काफी हंगामा मचा था। इस साल भी उसने विधायकों के कामकाज के आधार पर रैंकिंग जारी की है।

क्या है इस रिपोर्ट कार्ड में
रिपोर्ट कार्ड में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के विधायकों के कामकाज का स्तर बहुत गिर गया है। क्रिमिनल विधायकों की संख्या बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल दागी विधायकों की संख्या 14 थी जो इस साल बढ़कर 39 (लगभग 56 प्रतिशत) हो गई है। गौर करने वाली बात ये है कि विधायकों पर न सिर्फ मुकदमे दायर किए गए हैं। बल्कि, 70 में से 25 विधायकों के खिलाफ चार्जशीट भी दायर कर दी गई है।
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विधानसभा में सवाल उठाने में भी सबसे सुस्त
2016 में बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने सबसे ज्यादा 98 सवाल पूछे। उसके बाद दूसरे नंबर पर भी बीजेपी के ही जगदीश प्रधान का नाम था। उन्होंने कुल 81 सवाल पूछे। वहीं तीसरे स्थान पर आप विधायक अलका लांबा रहीं। उन्होंने कुल 49 सवाल पूछे। इस साल आप के मुकाबले बीजेपी विधायकों का प्रदर्शन बेहतर रहा। आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों ने 2017 के सत्र में एक भी सवाल नहीं पूछा। जबकि दो विधायकों रघुबिंदर शौकीन और मो इशराक ने 2016 और 2017 में एक भी सवाल नहीं पूछा।

जनता की राय पर दी गई विधायकों को रैंकिंग
विधायकों के कामकाज के साथ दिल्ली के जनता की राय भी पूछी गई और उसी आधार पर विधायकों को रैंकिंग दी गई। ऐसा बताया गया कि दिल्ली के 24 हजार लोगों से हंसा एजेंसी ने विधायकों के कामकाज पर सवाल पूछे और रैंकिंग दी गई। कामकाज और जनता की राय के आधार पर आम आदमी पार्टी के विधायकों को रैंकिंग दी गई।












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