राज्यसभा में संजय सिंह के बर्ताव पर केजरीवाल और सिसोदिया ट्रोल, यूजर्स ने पूछा- अब नहीं देंगे सही गलत का ज्ञान!

राज्यसभा में संजय सिंह के बर्ताव पर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ट्रोल, यूजर्स ने पूछा- अब नहीं देंगे सही गलत का ज्ञान!

नई दिल्ली: राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर चर्चा के दौरान रविवार (20 सितंबर) को जमकर बवाल हुआ। जिसपर कार्रवाई करते हुए राज्‍यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार (21 सितंबर) को आप सांसद संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh) और तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन (TMC MP Derek o Brien) सहित 8 सांसदों को सस्पेंड कर दिया है। इन आठो सांसदों में से सोशल मीडिया पर जो नाम सबसे ज्यादा ट्रेंड में है, वो है आप सांसद संजय सिंह का। ट्विटर पर आप सांसद संजय सिंह को लेकर आप प्रमुख और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ट्रोल हो रहे हैं। ट्विटर पर हैशटग #SanjaySingh ट्रेंड कर रहा है।

जानिए क्यों ट्रोल हो रहे हैं केजरीवाल और सिसोदिया

जानिए क्यों ट्रोल हो रहे हैं केजरीवाल और सिसोदिया

राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह के बर्ताव को सीएम अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया बस एक विरोध का नाम दे रहे हैं। दोनों नेतानों ने उप-सभापति की कुर्सी के सामने जाकर संजय सिंह के रवैये पर कुछ नहीं कहा है। इसी वजह से ट्विटर यूजर उनको ट्रोल कर रहे हैं।

ट्विटर यूजर उनके कुछ पुराने ट्वीट निकालकर शेयर कर रहे हैं, जिसमें इससे पहले सदन में हुए हंगामें पर मनीष सिसोदिया ने प्रतिक्रिया दी थी। ट्विटर पर जो मनीष सिसोदिया का ट्वीट सबसे ज्यादा शेयर किया जा रहा है, वो मई 2015 की है, जब एक बीजेपी विधायक को सदने से बाहर किया गया था। इस ट्वीट में सिसोदिया ने लिखा है, बीजेपी विधायक ने स्पीकर को कहा था कि आप बकवास कर रहे हैं तो उनके सदन से बाहर कर दिया गया है। बीजेपी नेता ने कुर्सी का अपमान किया था।

इसी बात को लेकर ट्विटर यूजर प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि बीजेपी के नेताओं की गलती को यह अपमान बताते हैं कि और अपने नेता के बर्ताव को विरोध कह रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि क्या अब केजरीवाल और सिसोदिया अपना ज्ञान नहीं देंगे।

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    संजय सिंह को सदन के मार्शल उठाकर ले जाने लगे बाहर

    संजय सिंह को सदन के मार्शल उठाकर ले जाने लगे बाहर

    रविवार को राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों के हंगामे के दौरान आप सांसद संजय सिंह इन विधेयक के विरोध में उप-सभापति की कुर्सी के सामने आकर जोर-जोर से ताली पीटने लगे और बिल का विरोध में नारेबाजी करते नजर आए। उप-सभापति जब बिल पर कुछ बोल रहे थे तो आप सांसद संजय सिंह अपनी आवाज और बुलंद कर रहे थे।

    इसी बीच उप-सभापति ने मार्शल को बुलाया। हंगामे के दौरान सदन के मार्शल आप सांसद संजय सिंह को उठाकर बाहर ले जाने लगे। हालांकि अन्य नेताओं ने इसका जमकर विरोध किया। आप सांसद संजय सिंह को मार्शल द्वारा बाहर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हैशटग #SanjaySingh के साथ लोग ये वीडियो भी शेयर कर रहे हैं और कई तरह के मीम्स भी।

    AAP ने कहा- किसानों की आवाज बने सांसद संजय सिंह

    AAP ने कहा- किसानों की आवाज बने सांसद संजय सिंह

    आम आदमी पार्टी (AAP) राज्यसभा में हंगामे का वीडियो शेयर कर कहा, भाजपा के किसान विरोधी काले कानून के खिलाफ सबसे आगे रहकर पूरे दम के साथ किसानों की आवाज बने सांसद संजय सिंह।

    वहीं संजय सिंह का कहना है कि भाजपा सरकार ने किसानों के खिलाफ काला कानून पास किया है। बिल का विरोध करने पर हमें निलबिंत किया गया। इसलिए हम धरने पर बैठे है और तब तक बैठे रहेंगे जब तक भाजपा सरकार नहीं बताती की क्यों बगैर वोटिंग के लोकतंत्र का गला घोंट कर इस काले कानून को पास किया गया।

    संजय सिंह ने की राष्ट्रपति के हस्तक्षेप की मांग

    संजय सिंह ने की राष्ट्रपति के हस्तक्षेप की मांग

    आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा के सांसद संजय सिंह एक हफ्ते के लिए सस्पेंड होने के बाद कहा है, लोकतंत्र का गला घोंट के किसानों के खिलाफ काला कानून पास किया है। ये बिल बगैर वोटिंग के पास किया गया जो कि असंवैधानिक है। राष्ट्रपति जी को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए और संविधान की धारा 111 के तहत ये बिल राज्यसभा में पुनर्विचार के लिए भेजा जाना चाहिए।

    संजय सिंह ने कहा, केंद्र में अडानी-अम्बानी की दलाल सरकार चल रही है। देश के करोड़ों किसानो जागो, मोदी सरकार ने आपकी जिंदगी अडानी-अम्बानी के हाथों गिरवी रख दी है। जागो निकलो और इस काले कानून का विरोध करो हम लोग संसद में आंदोलन पर हैं, आप बाहर आंदोलन करें।

    उन्होंने कहा, देश के करोड़ों किसानो के खिलाफ एक काला बिल जबरन संसद में पास कर दिया गया है लेकिन देश का तथाकथित राष्ट्रीय मीडिया पूरी तरह गजनी मोड में है।

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