अरुणाचल प्रदेश के तीसरी बार बने CM पेमा खांडू , पिता की मौत के बाद राजनीति में आए, जानें कुल संपत्ति
Arunachal Pradesh CM Pema Khandu: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पेमा खांडू ने 13 जून को लगातार तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली है। उनके बाद चाउना मीन ने डिप्टी CM की शपथ ली। राज्य में बीजेपी ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और दूसरी बार जीत दर्ज की।
अरुणाचल में भाजपा की जीत के नायक सिर्फ और सिर्फ पेमा खांडू हैं, जिन्होंने अपने दम पर भगवा पार्टी को सत्ता में फिर से काबिज किया है। ऐसे में सीएम पेमा खांडू के बारे में...

अरुणाचल प्रदेश की कुल 60 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 46 सीटों पर बंपर जीत हासिल की है, जबकि नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीईपी) को 5, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को 3, पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) को 2, कांग्रेस को 1 और अन्य को 3 सीटें मिली है।
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देश के सबसे युवा सीएम पेमा खांडू
पेमा खांडू ने मुक्तो विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और नतीजों से पहले ही निर्विरोध चुनाव जीत। इसी के साथ वो भारत के सबसे युवा मुख्यमंत्री भी हैं, जिन्होंने सिर्फ 37 साल की उम्र में सीएम के रूप में कार्यभार संभाला। खांडू के पहले अखिलेश यादव (38) ऐसे सीएम थे, जो कि सबसे कम उम्र में सीएम बने थे।
खेल और संगीत प्रेमी पेमा खांडू पिछले कुछ सालों में अरुणाचल प्रदेश में एक बड़े नेता के रूप में उभरे हैं, खासकर 2016 में संवैधानिक संकट के बाद, जब राष्ट्रपति शासन लागू हो गया था।
पेमा खांडू को एक रणनीतिकार के रूप में भी जाना जाता है, जिन्होंने राजनीतिक चतुरता के जरिए चीन की सीमा से लगे पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल में पहली बार भाजपा को सत्ता में लाया था।
पिता की मौत के बाद लड़ा चुनाव
बता दें कि पेमा खांडू की राजनीतिक यात्रा एक व्यक्तिगत त्रासदी के बीच शुरू हुई। 2011 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू की असामयिक मृत्यु ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। हालांकि वे 2000 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे और पार्टी के कई पदों पर भी रहे, लेकिन जब तक वे अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र मुक्तो से निर्विरोध उपचुनाव नहीं जीत गए, तब तक उन्होंने सही मायने में अपना राजनीतिक रास्ता नहीं बनाया।
सिर्फ 37 साल की उम्र में पेमा खांडू जुलाई 2016 में मुख्यमंत्री बन गए। सितंबर 2016 में कांग्रेस से पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) और फिर उसी साल दिसंबर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।2019 में पेमा खांडू ने दूसरी बार मुक्तो विधानसभा सीट से जीत हासिल की और बिना किसी राजनीतिक बाधा के मुख्यमंत्री बन गए।
2019 में चुनाव आयोग को दिए आंकड़े में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 132 करोड़ रुपए बताई थी, जो कि 2024 में 277 करोड़ रुपए हो गई। पांच साल में उनकी संपत्ति में दोगुनी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इसी के साथ वो देश के दूसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। बता दें कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री थे, उनकी कुल संपत्ति 510 करोड़ रुपए बताई जाती है।












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