भाजपा ने जारी किया वाराणसी का घोषणा पत्र, जनता के पास दो ही विकल्प मोदी या अराजकता

अरुण जेटली ने घोषणा पत्र जारी करने के बाद एक प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया। इस दौरान जेटली ने कहा कि कांग्रेस की चुनाव प्रचारक प्रियंका वाड्रा को नरेंद्र मोदी से 'नीची जाति' वाले बयान पर तत्काल प्रभाव से माफी मांगनी चाहिए। जेटली ने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान शब्दों का इस्तेमाल एक अच्छी बात है लेकिन अपने स्तर से गिरकर कुछ बोलना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कांग्रेेस को जब यह एहसास हो गया है कि वो चुनाव नहीं जीत रही है तो पूरा परिवार मिलकर अकेले एक व्यक्ति के खिलाफ अपशब्दों का प्रयाग कर रहा है। चुनाव आयोग से इस मामले में गंभीरता से बात की जाएगी।
मंगलवार को भाजपा की ओर से जारी किए गए वाराणसी घोषणा पत्र में गंगा नदी की सफाई को एक अहम मुद्दा बनाया गया है। इस मुद्दे पर जेटली ने बताया कि हमारे देया का यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि जिस नदी के सहारे हमारी धर्म और संस्कृति ने जन्म लिया है आज उसी नदी का पानी काला हो गया है। केंद्र सरकार ने पिछले 10 सालों में गंगा नदी के लिए वायदे तो बहुत किए लेकिन कभी भी यहां झांकने नहीं आए। ऐसे में भाजपा अगर केंद्र सरकार में आती है तो गंगा साफ-सुथरी करने का अद्भुत वादा किया गया है। इसी के साथ घोषणा पत्र में वाराणसी के गरीब और सामान्य परिवारों के लिए भी ढेरों वायदे किए गए हैं।
अरुण जेटली ने कहा कि अब देश की जनता के पास दो ही विकल्प बचे हुए हैं। जेटली बोले कि जनता नरेंद्र मोदी की सरकार को चुन सकती है या फिर अराजका में लिप्त सरकार को। उन्होंने कहा कि वाराणसी शहर ने कांग्रेस के शासनकाल में अपने अस्तित्व को खोया है। अगर केंद्र में भाजपा की सरकार आई तो यहां हथकरघा का विकास किया जाएगा क्योंकि आज भी यहां की अधिकांश गरीब जनता इसी माध्यम पर निर्भर है। जेटली ने यह भी कहा कि वाराणसी में विकास करने के लिए बहुत कुछ है बस नजरें चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications