पति-पत्नी के 13 जोड़ों ने रची आतंकी हमले की साजिश
श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में खुलासा किया था कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं आतंकियों के साथ मिल चुकी हैं। उस बात की पुष्टि तब हुई जब बर्धमान धमाके के मुख्य साजिशकर्ता सादीक अहमद उर्फ सादिक को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने धर दबोचा।
एनआईए की टीम ने जब सादिक से पछताछ शुरू की तो एक-एक कर कई बड़े खुलासे हुए। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि पश्चिम बंगाल के बर्धमान में हुए धमाके को अंजाम देने का काम 13 दंपत्तियों ने मिलकर किया। आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश का चीफ रह चुका सादिक खूंखार आतंकवादियों में से एक है। उसने बताया कि जमात उल मुजाहिदीन के मॉड्यूल को अंजाम देने के लिये 13 पति-पत्नी मिल कर काम कर रहे थे। सादिक ने बताया कि इस काम में उसकी पत्नी फातिमा ने भी उसका साथ दिया।
देश में आतंकवाद को फैलाने के लिये संगठन से जुड़े लोग मदरसों में जाकर जेहाद का पाठ पढ़ाकर लोगों को आतंकी गतिविधियों में घसीटने के प्रयास करते हैं। मदरसे में जिहादी पाठ पढ़ाने के काम का जिम्मा सादिक के एक साथी जिया उल हक के पास था।
सादिक एक बांग्लादेशी नागरिक है, जिसने अपने सभी साथियों को विशेष निर्देश दिये कि वो भारतीय लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसा कर उनसे शादी रचायें। इससे आगे चलकर उन्हें आसानी से भारत की नागरिकता हासिल हो जायेगी।
साजिद बांग्लादेश में बैठे अपने आकाओं के साथ हमेशा टच में रहता था। उसने बताया कि वो अपनी पत्नी फातिमा को अपने एक अन्य मिशन की कमान दे चुका है। फातिमा भी भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिये लोगों को अपने साथ जोड़ने का काम कर रही थी।













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